करनाल जिले के नीलोखेड़ी पहुंचे इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने बुधवार को हांसी के जीवन कुंडू हत्याकांड को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। अभय चौटाला ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री को मामला संभालना ही था तो बेगुनाह लोगों पर लाठीचार्ज क्यों कराया गया और उनके सिर क्यों फोड़े गए। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीयत में खोट है। पहले लोगों को आंदोलन करने के लिए मजबूर किया जाता है और बाद में उन्हीं के साथ समझौता कर लिया जाता है। चौटाला ने कहा कि यह सरकार “सौ प्याज भी खाती है और सौ जूते भी खाती है।” कांग्रेस पार्टी द्वारा एचकेआरएन कर्मचारियों को पक्का करने की मांग को लेकर किए गए प्रदर्शन पर तीखा हमला बोला। कहा कि कांग्रेस आज कर्मचारियों के समर्थन में प्रदर्शन कर रही है, लेकिन पहले जनता से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर उसकी भूमिका कहां थी। चौटाला ने कांग्रेस की अंदरूनी कलह और हांसी के जीवन कुंडू हत्याकांड को लेकर भी प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। पुराने मुद्दों पर कांग्रेस से सवाल अभय सिंह चौटाला ने कहा कि कांग्रेस नेताओं से पूछा जाना चाहिए कि जब बुढ़ापा पेंशन काटी जा रही थी, तब वे कहां थे। उन्होंने भाखड़ा का पानी रोके जाने, किसानों की फसलों पर कई तरह की पाबंदियां लगाए जाने और जंतर-मंतर पर बच्चों के बैठकर आंदोलन करने के दौरान भी कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस इन मुद्दों पर खुद को जनता का हितैषी दिखाने का प्रयास कर रही है। पंचकूला नहीं, आपसी लड़ाई से बच रही कांग्रेस इनेलो नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज पंचकूला में प्रदर्शन नहीं कर रही, क्योंकि वह अपनी आपसी लड़ाई से बच रही है। उन्होंने कहा कि 18 अगस्त को जींद में कांग्रेस की बैठक हुई थी, जहां नेताओं के बीच जूतम-जूता की स्थिति बन गई। चौटाला ने इसे कांग्रेस की संगठनात्मक कमजोरी बताया।

