मोतिहारी नगर थाना परिसर में महाबीर झंडा जुलूस के संबंध में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता सदर एसडीओ अरुण कुमार और सदर डीएसपी-वन दिलीप कुमार ने संयुक्त रूप से की। बैठक में विभिन्न अखाड़ा समितियों के सदस्य, जनप्रतिनिधि और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। बैठक के दौरान प्रशासन ने महाबीर झंडा जुलूस के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। गाइडलाइन के अनुसार निकलेगा जुलूस सदर एसडीओ अरुण कुमार ने अखाड़ा सदस्यों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जुलूस पूरी तरह से प्रशासनिक गाइडलाइन के अनुसार ही निकाला जाएगा। उन्होंने बताया कि जुलूस में डीजे, धारदार हथियार और किसी भी प्रकार की हुड़दंगई पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। एसडीओ ने आगे कहा कि जुलूस का निर्धारित रूट प्रशासन द्वारा तय किया जाएगा, जिसका पहले थानाध्यक्ष द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। यदि किसी मार्ग से किसी समुदाय की आस्था को ठेस पहुंचने की आशंका होगी, तो उस रास्ते से जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, बिना प्रशासनिक अनुमति के किसी भी अखाड़ा को झंडा निकालने की इजाजत नहीं होगी। हर साल 6 अखाड़ा जुलूस के लिए लेते थे लाइसेंस सदर डीएसपी-वन दिलीप कुमार ने जानकारी दी कि हर वर्ष लगभग छह अखाड़ा जुलूस के लिए लाइसेंस लेते थे, लेकिन इस बार दो अखाड़ा ने जुलूस नहीं निकालने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जुलूस के दौरान होने वाली किसी भी तरह की हुड़दंगई पर विशेष नजर रखी जाएगी। अखाड़ा समितियों को भी अपने जुलूस में शामिल लोगों पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी दी गई है। डीएसपी ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति नशे की हालत में या अशांति फैलाने की कोशिश करता है, तो अखाड़ा के सदस्य उसे चिन्हित कर स्वयं पुलिस के हवाले करेंगे। पुलिस इस दौरान सहयोगी की भूमिका में रहेगी। इसके अतिरिक्त, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। सभी संवेदनशील और अति संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल और मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे, और पूरे जुलूस की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। मोतिहारी नगर थाना परिसर में महाबीर झंडा जुलूस के संबंध में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता सदर एसडीओ अरुण कुमार और सदर डीएसपी-वन दिलीप कुमार ने संयुक्त रूप से की। बैठक में विभिन्न अखाड़ा समितियों के सदस्य, जनप्रतिनिधि और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। बैठक के दौरान प्रशासन ने महाबीर झंडा जुलूस के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। गाइडलाइन के अनुसार निकलेगा जुलूस सदर एसडीओ अरुण कुमार ने अखाड़ा सदस्यों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जुलूस पूरी तरह से प्रशासनिक गाइडलाइन के अनुसार ही निकाला जाएगा। उन्होंने बताया कि जुलूस में डीजे, धारदार हथियार और किसी भी प्रकार की हुड़दंगई पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। एसडीओ ने आगे कहा कि जुलूस का निर्धारित रूट प्रशासन द्वारा तय किया जाएगा, जिसका पहले थानाध्यक्ष द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। यदि किसी मार्ग से किसी समुदाय की आस्था को ठेस पहुंचने की आशंका होगी, तो उस रास्ते से जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, बिना प्रशासनिक अनुमति के किसी भी अखाड़ा को झंडा निकालने की इजाजत नहीं होगी। हर साल 6 अखाड़ा जुलूस के लिए लेते थे लाइसेंस सदर डीएसपी-वन दिलीप कुमार ने जानकारी दी कि हर वर्ष लगभग छह अखाड़ा जुलूस के लिए लाइसेंस लेते थे, लेकिन इस बार दो अखाड़ा ने जुलूस नहीं निकालने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जुलूस के दौरान होने वाली किसी भी तरह की हुड़दंगई पर विशेष नजर रखी जाएगी। अखाड़ा समितियों को भी अपने जुलूस में शामिल लोगों पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी दी गई है। डीएसपी ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति नशे की हालत में या अशांति फैलाने की कोशिश करता है, तो अखाड़ा के सदस्य उसे चिन्हित कर स्वयं पुलिस के हवाले करेंगे। पुलिस इस दौरान सहयोगी की भूमिका में रहेगी। इसके अतिरिक्त, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। सभी संवेदनशील और अति संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल और मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे, और पूरे जुलूस की वीडियोग्राफी कराई जाएगी।

