गुजरात में भवन निर्माण कार्य के दौरान सेटरिंग गिरने से बक्सर के जलीलपुर गांव निवासी 30 वर्षीय युवक गोविंद राजभर की मौत हो गई। हादसे के बाद सोमवार शाम उनका शव गांव पहुंचा, जहां परिजनों में कोहराम मच गया। उनकी आठ माह की गर्भवती पत्नी पति की मौत की खबर सुनकर बेसुध हो रही हैं। मृतक की पहचान जलीलपुर गांव निवासी अंबिका राजभर के बड़े पुत्र गोविंद राजभर के रूप में हुई है। गोविंद रोजगार के लिए गुजरात में एक कंपनी के साथ भवन निर्माण से संबंधित सेटरिंग का काम करते थे। गुरुवार को वह निर्माणाधीन भवन में काम कर रहे थे, तभी अचानक सेटरिंग का ढांचा टूटकर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना वहां मौजूद लोगों और कंपनी से जुड़े लोगों ने परिवार को दी। खबर मिलते ही जलीलपुर गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सामने अब आने वाले बच्चे के भविष्य को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं। सोमवार शाम को गोविंद का शव गांव पहुंचा लगभग तीन दिन बाद, सोमवार शाम को गोविंद का शव जलीलपुर गांव पहुंचा। शव पहुंचते ही घर में चीख-पुकार मच गई और अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीणों ने बताया कि गोविंद परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे, और उनकी असमय मौत से परिवार के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला परिषद सदस्य पूजा कुमारी भी मृतक के घर पहुंचीं। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। प्रशासन से पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को नियमानुसार सरकारी सहायता और मुआवजा दिलाने के लिए प्रशासन एवं सरकार के स्तर पर पहल की जाएगी।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि मृतक के परिवार और आने वाले बच्चे के भविष्य को सुरक्षित करने में मदद मिल सके। गुजरात में भवन निर्माण कार्य के दौरान सेटरिंग गिरने से बक्सर के जलीलपुर गांव निवासी 30 वर्षीय युवक गोविंद राजभर की मौत हो गई। हादसे के बाद सोमवार शाम उनका शव गांव पहुंचा, जहां परिजनों में कोहराम मच गया। उनकी आठ माह की गर्भवती पत्नी पति की मौत की खबर सुनकर बेसुध हो रही हैं। मृतक की पहचान जलीलपुर गांव निवासी अंबिका राजभर के बड़े पुत्र गोविंद राजभर के रूप में हुई है। गोविंद रोजगार के लिए गुजरात में एक कंपनी के साथ भवन निर्माण से संबंधित सेटरिंग का काम करते थे। गुरुवार को वह निर्माणाधीन भवन में काम कर रहे थे, तभी अचानक सेटरिंग का ढांचा टूटकर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना वहां मौजूद लोगों और कंपनी से जुड़े लोगों ने परिवार को दी। खबर मिलते ही जलीलपुर गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सामने अब आने वाले बच्चे के भविष्य को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं। सोमवार शाम को गोविंद का शव गांव पहुंचा लगभग तीन दिन बाद, सोमवार शाम को गोविंद का शव जलीलपुर गांव पहुंचा। शव पहुंचते ही घर में चीख-पुकार मच गई और अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीणों ने बताया कि गोविंद परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे, और उनकी असमय मौत से परिवार के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला परिषद सदस्य पूजा कुमारी भी मृतक के घर पहुंचीं। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। प्रशासन से पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को नियमानुसार सरकारी सहायता और मुआवजा दिलाने के लिए प्रशासन एवं सरकार के स्तर पर पहल की जाएगी।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि मृतक के परिवार और आने वाले बच्चे के भविष्य को सुरक्षित करने में मदद मिल सके।


