’40 साल के आदमी से शादी नहीं, पढ़ाई करनी है’:21 साल की युवती घर से भागकर पटना पहुंची, महिला आयोग में बोली- मैं अफसर बनना चाहती हूं

’40 साल के आदमी से शादी नहीं, पढ़ाई करनी है’:21 साल की युवती घर से भागकर पटना पहुंची, महिला आयोग में बोली- मैं अफसर बनना चाहती हूं

बिहारशरीफ की 21 वर्षीय युवती अपनी मर्जी के खिलाफ 40 साल के युवक से शादी कराए जाने के दबाव से परेशान होकर घर छोड़कर पटना पहुंच गई। चेहल्लुम के दिन रात करीब 3 बजे वह घर से निकली और भटकते हुए पटना पहुंची। यहां किसी व्यक्ति ने उसे बिहार राज्य महिला आयोग की जानकारी दी, जिसके बाद वह मदद की गुहार लेकर आयोग पहुंची। युवती ने आयोग के सामने कहा कि वह अभी पढ़ाई जारी रखना चाहती है और शादी के लिए उसकी सहमति नहीं है। 40 साल के आदमी से शादी नहीं करना चाहती युवती लड़की ने कहा, ‘मेरी उम्र 21 साल की है। मेरे माता-पिता मेरी इच्छा के बिना मेरी शादी जबरदस्ती एक 40 साल के आदमी से करवाना चाहते हैं। जिस लड़के से मेरी शादी कराई जा रही है, वह लड़का आर्थिक रूप से संपन्न है, इसलिए मुझ पर शादी करने का दबाव बनाया जा रहा है। मना करने पर मेरे साथ मारपीट भी किया गया है।’ मुझे घर नहीं जाना, अभी पढ़ाई करना चाहती हूं- युवती युवती ने आयोग से सुरक्षित छात्रावास या आश्रय गृह में रहने की व्यवस्था कराने की मांग की, ताकि वह अपनी पढ़ाई जारी रख सके। युवती का सपना सिविल सर्विस की तैयारी कर अधिकारी बनने का है। लड़की के पिता परिवार में ही कराना चाहते हैं शादी बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रो अप्सरा ने कहा, ‘ बच्ची हमारे आयोग पहुंची थी और बार-बार गुहार लगा रही थी कि उसकी शादी रोक ली जाए। उसके माता-पिता 20 साल उम्र में बड़े लड़के से उसकी शादी करवा रहे।’ उन्होंने आगे बताया, ‘यह शादी पारिवारिक थी और वह लड़का परिवार में ही संबंध में कुछ लगता था। इसलिए उसके पिता चाहते थे कि लड़की का घर परिवार में ही बस जाए और वह ज्यादा दूर न जाए।’ लड़की पढ़ने में काफी तेज, जिले में मिल चुका है कई सम्मान प्रो अप्सरा ने आगे कहा, ‘लड़की के पिता दर्जी हैं। लड़की रात में अपने पिता की मदद करती है और दिन में पढ़ाई करती है। उसका परिवार काफी गरीब है, इसलिए लड़की के पिता अपनी बेटी को आगे नहीं पढ़ पा रहे थे। उनकी बेटी बालिग हो गई थी, इसलिए वह उसका घर बसाना चाह रहे थे।’ 5 साल तक लड़की की शादी नहीं करवाने का मिला कमिटमेंट प्रो अप्सरा ने आगे बताया, ‘लड़की इतनी डरी हुई थी कि उसने अपना कोई भी कांटेक्ट नंबर नहीं दिया। उसे डर था कि हम लोग उसे वापस घर भेज देंगे और फिर उसकी जबरदस्ती शादी हो जाएगी। उन्होंने बताया, ‘हमने लड़की का आधार कार्ड मांगा और उसके एड्रेस को ट्रेस करके उसके परिवार से संपर्क किया और उन्हें आयोग बुलाया। परिवार से बातचीत करके हमने कमिटमेंट लिया कि वह लड़की की शादी 5 साल तक नहीं करवाएंगे और उसे पढ़ने देंगे।’ लड़की सिविल सर्विस की तैयारी करके बनना चाहती है ऑफिसर प्रो अप्सरा ने आगे बताया, ‘लड़की पढ़ना चाह रही थी, इसलिए वह घर छोड़कर आई थी। वह बार-बार आयोग में घर नहीं जाने की गुहार लगा रही थी। वह कह रही थी कि उसे कहीं रखवा दें। वह सिविल सर्विस की तैयारी करके ऑफिसर बनना चाहती है।’ इस दौरान हमने अल्पसंख्यक आयोग और मदरसा बोर्ड में भी संपर्क किया। दूसरी ओर लड़की के पिता का कहना है कि वह अपनी बेटी की पढ़ाई लिखाई के लिए मना नहीं करेंगे और उसकी शादी लगभग 5 साल तक नहीं करेंगे। उसके साथ किसी भी तरह की मारपीट नहीं करेंगे। इस केस के सुनवाई की अगली तारीख 9 सितंबर दी गई है। बिहारशरीफ की 21 वर्षीय युवती अपनी मर्जी के खिलाफ 40 साल के युवक से शादी कराए जाने के दबाव से परेशान होकर घर छोड़कर पटना पहुंच गई। चेहल्लुम के दिन रात करीब 3 बजे वह घर से निकली और भटकते हुए पटना पहुंची। यहां किसी व्यक्ति ने उसे बिहार राज्य महिला आयोग की जानकारी दी, जिसके बाद वह मदद की गुहार लेकर आयोग पहुंची। युवती ने आयोग के सामने कहा कि वह अभी पढ़ाई जारी रखना चाहती है और शादी के लिए उसकी सहमति नहीं है। 40 साल के आदमी से शादी नहीं करना चाहती युवती लड़की ने कहा, ‘मेरी उम्र 21 साल की है। मेरे माता-पिता मेरी इच्छा के बिना मेरी शादी जबरदस्ती एक 40 साल के आदमी से करवाना चाहते हैं। जिस लड़के से मेरी शादी कराई जा रही है, वह लड़का आर्थिक रूप से संपन्न है, इसलिए मुझ पर शादी करने का दबाव बनाया जा रहा है। मना करने पर मेरे साथ मारपीट भी किया गया है।’ मुझे घर नहीं जाना, अभी पढ़ाई करना चाहती हूं- युवती युवती ने आयोग से सुरक्षित छात्रावास या आश्रय गृह में रहने की व्यवस्था कराने की मांग की, ताकि वह अपनी पढ़ाई जारी रख सके। युवती का सपना सिविल सर्विस की तैयारी कर अधिकारी बनने का है। लड़की के पिता परिवार में ही कराना चाहते हैं शादी बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रो अप्सरा ने कहा, ‘ बच्ची हमारे आयोग पहुंची थी और बार-बार गुहार लगा रही थी कि उसकी शादी रोक ली जाए। उसके माता-पिता 20 साल उम्र में बड़े लड़के से उसकी शादी करवा रहे।’ उन्होंने आगे बताया, ‘यह शादी पारिवारिक थी और वह लड़का परिवार में ही संबंध में कुछ लगता था। इसलिए उसके पिता चाहते थे कि लड़की का घर परिवार में ही बस जाए और वह ज्यादा दूर न जाए।’ लड़की पढ़ने में काफी तेज, जिले में मिल चुका है कई सम्मान प्रो अप्सरा ने आगे कहा, ‘लड़की के पिता दर्जी हैं। लड़की रात में अपने पिता की मदद करती है और दिन में पढ़ाई करती है। उसका परिवार काफी गरीब है, इसलिए लड़की के पिता अपनी बेटी को आगे नहीं पढ़ पा रहे थे। उनकी बेटी बालिग हो गई थी, इसलिए वह उसका घर बसाना चाह रहे थे।’ 5 साल तक लड़की की शादी नहीं करवाने का मिला कमिटमेंट प्रो अप्सरा ने आगे बताया, ‘लड़की इतनी डरी हुई थी कि उसने अपना कोई भी कांटेक्ट नंबर नहीं दिया। उसे डर था कि हम लोग उसे वापस घर भेज देंगे और फिर उसकी जबरदस्ती शादी हो जाएगी। उन्होंने बताया, ‘हमने लड़की का आधार कार्ड मांगा और उसके एड्रेस को ट्रेस करके उसके परिवार से संपर्क किया और उन्हें आयोग बुलाया। परिवार से बातचीत करके हमने कमिटमेंट लिया कि वह लड़की की शादी 5 साल तक नहीं करवाएंगे और उसे पढ़ने देंगे।’ लड़की सिविल सर्विस की तैयारी करके बनना चाहती है ऑफिसर प्रो अप्सरा ने आगे बताया, ‘लड़की पढ़ना चाह रही थी, इसलिए वह घर छोड़कर आई थी। वह बार-बार आयोग में घर नहीं जाने की गुहार लगा रही थी। वह कह रही थी कि उसे कहीं रखवा दें। वह सिविल सर्विस की तैयारी करके ऑफिसर बनना चाहती है।’ इस दौरान हमने अल्पसंख्यक आयोग और मदरसा बोर्ड में भी संपर्क किया। दूसरी ओर लड़की के पिता का कहना है कि वह अपनी बेटी की पढ़ाई लिखाई के लिए मना नहीं करेंगे और उसकी शादी लगभग 5 साल तक नहीं करेंगे। उसके साथ किसी भी तरह की मारपीट नहीं करेंगे। इस केस के सुनवाई की अगली तारीख 9 सितंबर दी गई है।  

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