लखीसराय में सावन के पवित्र महीने में रविवार को नगर के वार्ड संख्या 7 से कांवड़ियों का एक बड़ा जत्था बाबा वैद्यनाथ धाम में जलार्पण के लिए रवाना हुआ। निजी शिक्षक चंदन कुमार के नेतृत्व में निकली इस कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यह कांवड़ यात्रा नगर स्थित जगदम्बा मंदिर से शुरू हुई। ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के साथ कांवड़ियों ने ‘बोलबम’ के जयघोष करते हुए पूरे नगर का भ्रमण किया। श्रद्धालु हाथों में कांवड़ लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां से वे ट्रेन द्वारा सुल्तानगंज के लिए रवाना हुए। बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुंचने के बाद, श्रद्धालु पवित्र गंगाजल लेंगे और पैदल बाबा वैद्यनाथ धाम की यात्रा करेंगे। वहां पहुंचकर वे बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे तथा परिवार एवं समाज की सुख-समृद्धि, शांति और मंगल की कामना करेंगे। यात्रा का नेतृत्व कर रहे वार्ड संख्या 7 निवासी निजी शिक्षक चंदन कुमार पिछले लगभग 30 वर्षों से सावन में देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ धाम की यात्रा करते आ रहे हैं। बोलबम के जयकारे लगे वे प्रत्येक वर्ष अपनी कांवड़ स्वयं तैयार करते हैं, जिसमें उनके बच्चे भी सहयोग करते हैं। इस वर्ष भी उनकी विशेष रूप से तैयार की गई कांवड़ श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय रही। कांवड़ियों के जत्थे के नगर भ्रमण के दौरान बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक विभिन्न आयु वर्ग के श्रद्धालु शामिल थे। जगह-जगह लोगों ने उनका अभिनंदन किया। ढोल-नगाड़ों की थाप, गाजे-बाजे और ‘बोलबम’ के जयघोष से पूरा नगर भक्तिमय हो उठा। लखीसराय में सावन के पवित्र महीने में रविवार को नगर के वार्ड संख्या 7 से कांवड़ियों का एक बड़ा जत्था बाबा वैद्यनाथ धाम में जलार्पण के लिए रवाना हुआ। निजी शिक्षक चंदन कुमार के नेतृत्व में निकली इस कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यह कांवड़ यात्रा नगर स्थित जगदम्बा मंदिर से शुरू हुई। ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के साथ कांवड़ियों ने ‘बोलबम’ के जयघोष करते हुए पूरे नगर का भ्रमण किया। श्रद्धालु हाथों में कांवड़ लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां से वे ट्रेन द्वारा सुल्तानगंज के लिए रवाना हुए। बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुंचने के बाद, श्रद्धालु पवित्र गंगाजल लेंगे और पैदल बाबा वैद्यनाथ धाम की यात्रा करेंगे। वहां पहुंचकर वे बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे तथा परिवार एवं समाज की सुख-समृद्धि, शांति और मंगल की कामना करेंगे। यात्रा का नेतृत्व कर रहे वार्ड संख्या 7 निवासी निजी शिक्षक चंदन कुमार पिछले लगभग 30 वर्षों से सावन में देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ धाम की यात्रा करते आ रहे हैं। बोलबम के जयकारे लगे वे प्रत्येक वर्ष अपनी कांवड़ स्वयं तैयार करते हैं, जिसमें उनके बच्चे भी सहयोग करते हैं। इस वर्ष भी उनकी विशेष रूप से तैयार की गई कांवड़ श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय रही। कांवड़ियों के जत्थे के नगर भ्रमण के दौरान बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक विभिन्न आयु वर्ग के श्रद्धालु शामिल थे। जगह-जगह लोगों ने उनका अभिनंदन किया। ढोल-नगाड़ों की थाप, गाजे-बाजे और ‘बोलबम’ के जयघोष से पूरा नगर भक्तिमय हो उठा।

