कैमूर के कुदरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के सभा कक्ष में आशा कार्यकर्ताओं की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक अस्पताल भवन के एक जर्जर कमरे में हुई, जिसकी छत का प्लास्टर उखड़ा हुआ था, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा बना हुआ था। जर्जर छत के नीचे आयोजित इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग की चार मुख्य योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। इनमें संस्थागत प्रसव, परिवार नियोजन, टीकाकरण और टीबी उन्मूलन कार्यक्रम शामिल थे। जागरूकता अभियानों की समीक्षा की संस्थागत प्रसव के तहत क्षेत्र में महिलाओं को सरकारी अस्पताल लाने के लक्ष्य की प्रगति जांची गई। परिवार नियोजन से जुड़े उपायों और जागरूकता अभियानों की समीक्षा की गई। बच्चों और गर्भवती महिलाओं के शत-प्रतिशत नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जबकि टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में मरीजों की पहचान और नियमित दवा उपलब्धता पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान अधिकारियों ने सभी आशा कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर करने और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। हालांकि, अस्पताल परिसर के जर्जर कमरे में जोखिम उठाकर काम करने को लेकर आशा कार्यकर्ताओं में चिंता भी देखी गई। कैमूर के कुदरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के सभा कक्ष में आशा कार्यकर्ताओं की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक अस्पताल भवन के एक जर्जर कमरे में हुई, जिसकी छत का प्लास्टर उखड़ा हुआ था, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा बना हुआ था। जर्जर छत के नीचे आयोजित इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग की चार मुख्य योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। इनमें संस्थागत प्रसव, परिवार नियोजन, टीकाकरण और टीबी उन्मूलन कार्यक्रम शामिल थे। जागरूकता अभियानों की समीक्षा की संस्थागत प्रसव के तहत क्षेत्र में महिलाओं को सरकारी अस्पताल लाने के लक्ष्य की प्रगति जांची गई। परिवार नियोजन से जुड़े उपायों और जागरूकता अभियानों की समीक्षा की गई। बच्चों और गर्भवती महिलाओं के शत-प्रतिशत नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जबकि टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में मरीजों की पहचान और नियमित दवा उपलब्धता पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान अधिकारियों ने सभी आशा कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर करने और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। हालांकि, अस्पताल परिसर के जर्जर कमरे में जोखिम उठाकर काम करने को लेकर आशा कार्यकर्ताओं में चिंता भी देखी गई।

