Sadar Bazar के क्लॉथ हाउस ने Independence Day से पहले बेचे 30 लाख तिरंगे

Sadar Bazar के क्लॉथ हाउस ने Independence Day से पहले बेचे 30 लाख तिरंगे

नयी दिल्ली, आठ अगस्त राष्ट्रीय राजधानी का सदर बाजार इन दिनों पूरी तरह तिरंगे के रंग में रंगा हुआ है। झंड़े बनाने के लिए कपड़ों के रोल दीवारों से लगे हुए हैं, सिलाई मशीनें लगातार चल रही हैं, तैयार तिरंगे देशभर में भेजे जाने के लिए पैक किए जा रहे हैं और इन सब के बीच यहां स्थित है ‘भारत हैंडलूम क्लॉथ हाउस’, जो झंडे बनाने वाली सबसे पुरानी दुकानों में से एक है। इस दुकान में ऐसा परिवार काम कर रहा है, जो पीढ़ियों से राष्ट्रीय ध्वज तैयार करता आ रहा है और इस बार 80वें स्वतंत्रता दिवस से पहले मांग के दबाव को पूरा करने में जुटा है।

जब भारत-चीन के बीच 1962 में युद्ध हुआ था उसी साल स्थापित की गई यह छोटी सी दुकान युद्ध समेत देश के कई अहम मौकों पर सरकारी अधिकारियों, घरों और संस्थानों को झंडे मुहैया कराती रही। हालांकि, झंडे बनाने के काम से इस परिवार का नाता और भी पुराना है। यह परिवार गफ्फार के दादा और पिता के समय से झंडे बनाता आ रहा है।

उनके दादा और पिता ने आज़ादी की लड़ाई के दौरान झंडे बनाए थे। बाद में अब्दुल गफ्फार ने इस विरासत को आगे बढ़ाया और वह छह दशकों से अधिक समय तक झंडे बनाते रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के दौरान गफ्फार का जिक्र किए जाने के बाद उन्हें ‘फ्लैग अंकल’ के नाम से भी जाना गया।

गफ्फार का निधन 29 दिसंबर, 2025 को हो गया। उस समय वह 81 साल के थे। आज गफ्फार के छोटे भाई अब्दुल मलिक और परिवार की तीसरी पीढ़ी इस विरासत को संभाल रही है।

मलिक बताते हैं, ‘‘आज़ादी की लड़ाई के दौरान मेरे पिता और दादा जी झंडे बनाते थे। देश के लिए यह उनका छोटा सा योगदान था। उस समय बंगाल से खादी का कपड़ा आता था और वे यहीं झंडे तैयार करते थे।

आज़ादी के बाद भी यह काम चलता रहा और 1962 में हमारे परिवार ने सदर बाज़ार में ‘भारत हैंडलूम क्लॉथ हाउस’ की शुरुआत की।’’
मलिक ने बताया कि उनके बड़े भाई गफ्फार लगभग 15-16 साल की उम्र में पारिवारिक कारोबार से जुड़े और उन्होंने छह दशकों से ज़्यादा समय तक राष्ट्रीय ध्वज बनाने का काम किया। उनके अनुसार, 1962 के युद्ध, आपातकाल, कारगिल संघर्ष, अन्ना आंदोलन और बाद में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान जैसे मौकों पर झंडों की मांग में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। वह बताते हैं कि इस स्वतंत्रता दिवस से पहले भारी भीड़ देखी गई है।

परिवार ने अब तक इस सीज़न के लिए लगभग 25 से 30 लाख झंडे तैयार करके बेचे हैं, और कई बड़े सरकारी ऑर्डर पहले ही भेजे जा चुके हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *