आइसा अध्यक्ष नेहा पर स्याही फेंकने का विरोध:प्रयागराज में आइसा का प्रदर्शन, कहा- आंदोलन नहीं रुकेगा

आइसा अध्यक्ष नेहा पर स्याही फेंकने का विरोध:प्रयागराज में आइसा का प्रदर्शन, कहा- आंदोलन नहीं रुकेगा

रांची में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉमरेड नेहा पर स्याही फेंके जाने की घटना के विरोध में शनिवार को प्रयागराज में आइसा कार्यकर्ताओं और छात्रों ने प्रदर्शन किया। बक्शी बांध पर एक प्रतिवाद सभा आयोजित की गई, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सभा को संबोधित करते हुए आइसा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष कॉमरेड मनीष ने कहा कि इतिहास में सावित्रीबाई फुले और फातिमा शेख जैसी महिलाओं ने जब शिक्षा के अधिकार के लिए संघर्ष किया था, तब उन पर भी सामंती ताकतों ने हमले किए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर संघर्ष कर रही आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉमरेड नेहा पर भी उसी मानसिकता के तहत हमला किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी घटनाएं लोकतांत्रिक आंदोलनों को कमजोर नहीं कर सकतीं, बल्कि संघर्ष को और मजबूत करेंगी। आइसा इलाहाबाद विश्वविद्यालय इकाई की अध्यक्ष कॉमरेड सोनाली ने बताया कि देशभर में शिक्षा, रोजगार और संविधान के सवालों पर छात्र आंदोलन तेज हो रहे हैं, जिससे सत्तारूढ़ दल और उससे जुड़े संगठनों में बेचैनी है। उन्होंने आरोप लगाया कि रांची में पेपर लीक के खिलाफ विधानसभा मार्च में शामिल होने पहुंचीं कॉमरेड नेहा पर स्याही फेंककर लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का प्रयास किया गया। प्रतियोगी छात्र अखिलेश ने भी इस घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक आवाज को इस प्रकार डराने का प्रयास अस्वीकार्य है। अखिलेश ने घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। सभा का संचालन आइसा उत्तर प्रदेश के सचिव कॉमरेड शशांक ने किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। इस प्रदर्शन में साक्षी, पल्लवी, सीमा, अमित, आशीष, शशिभूषण, सुजीत, सुनील, राधा सहित बड़ी संख्या में आइसा कार्यकर्ता, छात्र और युवा शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए रांची की घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

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