Money Tips: हर निवेशक को क्यों बनानी चाहिए Financial Inventory, जानिए क्या है यह और कैसे आती है काम

Money Tips: हर निवेशक को क्यों बनानी चाहिए Financial Inventory, जानिए क्या है यह और कैसे आती है काम

Financial Inventory: आज ज्यादातर लोग सालों तक मेहनत करके बचत जमा करते हैं, इंश्योरेंस लेते हैं, म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं, रिटायरमेंट फंड जमा करते हैं। लेकिन एक आसान सवाल अक्सर अनदेखा रह जाता है कि अगर आप अचानक न रहे, तो क्या आपके परिवार को पता होगा कि आपकी सारी संपत्तियां कहां-कहां हैं। अगर कोई स्पष्ट रिकॉर्ड न हो, तो परिवार को हर चीज ढूंढने में महीनों लग सकते हैं। ऐसे में एक्सपर्ट्स के मुताबिक सिर्फ वसीयत (Will) और नॉमिनी (Nominee) बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि फाइनेंशियल इन्वेंटरी (Financial Inventory) रखना भी जरूरी है। यह रिकॉर्ड परिवार को विभिन्न एसेट्स से जुड़ी जरूरी जानकारी देता है।

Nominee और Will दोनों अलग-अलग हैं

कई लोग मानते हैं कि सभी फाइनेंशियल एसेट्स में नॉमिनी दर्ज कराना पर्याप्त है। लेकिन गांधी लॉ एसोसिएट्स के पार्टनर राहिल पटेल के मुताबिक, बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट की धारा 45ZA के तहत नॉमिनी बैंक से पैसा ले सकता है, लेकिन नॉमिनी सिर्फ पैसा लेने वाला होता है, पैसे का कानूनी वारिस नहीं। संपत्ति या पैसे का वारिस कौन होगा, यह वसीयत या लागू उत्तराधिकार कानूनों से तय होता है। इसलिए नॉमिनेशन, वसीयत और फाइनेंशियल रिकॉर्ड को ऑप्शन की तरह नहीं, बल्कि एक साथ इस्तेमाल होने वाले जरूरी साधनों के रूप में जानना चाहिए। इसके साथ ही असली परेशानी तब होती है, जब परिवार को आपके खातों और निवेशों का पता ही नहीं होता।

Financial Inventory क्या होती है?

सबसे पहले यह समझें कि फाइनेंशियल इन्वेंटरी एक साधारण लेकिन बहुत महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। इसमें व्यक्ति अपनी सारी संपत्तियों और देनदारियों की पूरी जानकारी एक जगह लिखकर रखता है। यह वसीयत से अलग होती है। वसीयत बाताती है कि संपत्ति किसे मिलेगी, लेकिन फाइनेंशियल इन्वेंटरी बताती है कि संपत्तियां कहां-कहां है।

Financial Inventory में क्या-क्या रखें

फाइनेंशियल इन्वेंटरी में बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट, लॉकर, म्यूचुअल फंड, शेयर, बॉन्ड और डीमैट अकाउंट शामिल होने चाहिए। इसके साथ ही बीमा पॉलिसियां, नॉमिनी डिटेल्स, ईपीएफ, एनपीएस और पेंशन खाते की जानकारी भी दर्ज करनी चाहिए। प्रॉपर्टी का मालिकाना हक, दस्तावेजों की जगह, बकाया लोन की जानकारी भी रखी जा सकती है।

Financial Inventory को अपडेट करते रहें

एक्सपर्ट्स फाइनेंशियल इन्वेंटरी की कम से कम साल में एक बार समीक्षा करने की सलाह देते हैं। ऐसे में शादी, बच्चे का जन्म, प्रॉपर्टी खरीदने, नॉमिनी या वसीयत में बदलाव के बाद इसे अपडेट करना चाहिए। रिकॉर्ड सुरक्षित जगह रखें और संपत्ति संभालने वाले व्यक्ति को उसकी जानकारी जरूर देनी चाहिए, ताकि सही समय पर इसे खोजने में दिक्कत न हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *