मुजफ्फरपुर में मोबाइल स्नेचिंग और छिनतई की घटना सामने आ रही है। अहियापुर थाना पुलिस ने मोबाइल छीनतई कर उसे सस्ते दामों में बेचने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी के 17 मोबाइल फोन, एक आईपैड, एक लैपटॉप, मोबाइल का लॉक तोड़ने वाली विशेष मशीन और वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली एक बाइक बरामद की है। गिरोह का एक सदस्य पुलिस कार्रवाई के दौरान फरार हो गया, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। फिर वारदात की तैयारी में थे बदमाश, पुलिस ने दबोचा पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अहियापुर थाना क्षेत्र के नाजिरपुर बांध के पास कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियों में जुटे हैं और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही एसडीपीओ टाउन-टू विनीता सिन्हा के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने नाजिरपुर बांध से बबलू उर्फ छोटू और रत्नेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने जीरोमाइल इलाके में छापेमारी कर गिरोह के एक अन्य सदस्य अकबर अली को भी दबोच लिया। फरार आरोपी के घर से मिला चोरी का सामान गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने नीरज शर्मा के घर पर छापेमारी की। हालांकि नीरज मौके से फरार हो गया, लेकिन उसके घर से चोरी के 17 मोबाइल फोन, एक आईपैड, एक लैपटॉप और मोबाइल का लॉक तोड़ने वाली मशीन बरामद की गई। बरामद सामान को पुलिस ने जब्त कर लिया है और उसकी जांच की जा रही है। महिलाओं और राहगीरों को बनाते थे निशाना पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि वे राह चलते लोगों, विशेषकर महिलाओं को निशाना बनाकर मोबाइल स्नेचिंग की घटनाओं को अंजाम देते थे। चोरी या छीनतई के बाद मोबाइल फोन का लॉक विशेष मशीन से तोड़ा जाता था और फिर उसे मात्र 1500 से 2000 रुपये में बेच दिया जाता था। पुलिस को आशंका है कि गिरोह लंबे समय से जिले के विभिन्न इलाकों में सक्रिय था और कई वारदातों में इसकी संलिप्तता हो सकती है। इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की भी पहचान की जा रही है। आपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिस एसडीपीओ टाउन-टू विनीता सिन्हा ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। बरामद मोबाइल और अन्य सामान के स्वामित्व की जांच की जा रही है। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास का भी सत्यापन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है, जबकि फरार आरोपी नीरज शर्मा की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और जांच के दौरान गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। मुजफ्फरपुर में मोबाइल स्नेचिंग और छिनतई की घटना सामने आ रही है। अहियापुर थाना पुलिस ने मोबाइल छीनतई कर उसे सस्ते दामों में बेचने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी के 17 मोबाइल फोन, एक आईपैड, एक लैपटॉप, मोबाइल का लॉक तोड़ने वाली विशेष मशीन और वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली एक बाइक बरामद की है। गिरोह का एक सदस्य पुलिस कार्रवाई के दौरान फरार हो गया, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। फिर वारदात की तैयारी में थे बदमाश, पुलिस ने दबोचा पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अहियापुर थाना क्षेत्र के नाजिरपुर बांध के पास कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियों में जुटे हैं और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही एसडीपीओ टाउन-टू विनीता सिन्हा के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने नाजिरपुर बांध से बबलू उर्फ छोटू और रत्नेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने जीरोमाइल इलाके में छापेमारी कर गिरोह के एक अन्य सदस्य अकबर अली को भी दबोच लिया। फरार आरोपी के घर से मिला चोरी का सामान गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने नीरज शर्मा के घर पर छापेमारी की। हालांकि नीरज मौके से फरार हो गया, लेकिन उसके घर से चोरी के 17 मोबाइल फोन, एक आईपैड, एक लैपटॉप और मोबाइल का लॉक तोड़ने वाली मशीन बरामद की गई। बरामद सामान को पुलिस ने जब्त कर लिया है और उसकी जांच की जा रही है। महिलाओं और राहगीरों को बनाते थे निशाना पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि वे राह चलते लोगों, विशेषकर महिलाओं को निशाना बनाकर मोबाइल स्नेचिंग की घटनाओं को अंजाम देते थे। चोरी या छीनतई के बाद मोबाइल फोन का लॉक विशेष मशीन से तोड़ा जाता था और फिर उसे मात्र 1500 से 2000 रुपये में बेच दिया जाता था। पुलिस को आशंका है कि गिरोह लंबे समय से जिले के विभिन्न इलाकों में सक्रिय था और कई वारदातों में इसकी संलिप्तता हो सकती है। इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की भी पहचान की जा रही है। आपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिस एसडीपीओ टाउन-टू विनीता सिन्हा ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। बरामद मोबाइल और अन्य सामान के स्वामित्व की जांच की जा रही है। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास का भी सत्यापन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है, जबकि फरार आरोपी नीरज शर्मा की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और जांच के दौरान गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी।


