भोजपुरी सिनेमा और संगीत जगत के लोकप्रिय गायक-अभिनेता अरविंद अकेला कल्लू वाराणसी पहुंचे, जहां उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन हनुमान मंदिर और दुर्गा कुंड मंदिर में दर्शन-पूजन कर अपने नए म्यूजिक चैनल और हाल ही में रिलीज हुए गीतों की सफलता के लिए प्रार्थना की। मंदिरों में कल्लू के पहुंचते ही प्रशंसकों की भीड़ उमड़ पड़ी और उनके साथ फोटो खिंचवाने की होड़ लग गई। दैनिक भास्कर से उन्होंने खासबात की पेश है रिपोर्ट.… सवाल: नए प्लेटफॉर्म की शुरुआत आपके गीत से हो रही है। इसे लेकर क्या कहना चाहेंगे? जवाब -सबसे पहले सभी दर्शकों और श्रोताओं को सादर प्रणाम। हमारी हमेशा कोशिश रहती है कि किसी भी नए काम की शुरुआत बाबा की नगरी वाराणसी से हो, ताकि बाबा का आशीर्वाद मिले। इसी सोच के साथ हम ‘राउंड राउंड’ गीत लेकर आए हैं। यह नया प्लेटफॉर्म ‘परा म्यूजिक भोजपुरी धूम’ का पहला गीत है। उम्मीद है कि दर्शक इसे भरपूर प्यार और आशीर्वाद देंगे। सवाल – इस गीत के निर्माण में एआई तकनीक का उपयोग हुआ है। इसे कैसे तैयार किया गया? जवाब – परा म्यूजिक की पूरी टीम की सोच है कि एआई तकनीक के साथ भोजपुरी संगीत का विकास किया जाए। हम कलाकार गाना गाएंगे और अभिनय करेंगे, लेकिन तकनीक के जरिए इसे और बेहतर बनाया जा सकता है। ऑडियो पर काफी मेहनत की गई है। भोजपुरी दर्शकों की पसंद को ध्यान में रखकर इसे तैयार किया गया है। यह एक ऐसा डांसिंग सॉन्ग है जिसे सुनते ही लोग झूमने और नाचने लगेंगे। सवाल – ‘राउंड राउंड’ गीत की खासियत क्या है? जावब – भोजपुरी संगीत की पहचान उसका जोश और ऊर्जा है। हमने उसी अंदाज में यह गीत बनाया है। गाने के बोल और संगीत ऐसे हैं कि डीजे पर बजते ही माहौल बन जाए। हमारा मकसद लोगों को मनोरंजन देना और उन्हें नाचने पर मजबूर कर देना है। सवाल: भोजपुरी इंडस्ट्री में इन दिनों कई तरह के विवाद देखने को मिलते हैं। इसे आप कैसे देखते हैं? जवाब – यह पूरी तरह कलाकार पर निर्भर करता है कि वह अपनी छवि कैसे बनाता है। मेरा मानना है कि कलाकार को अपने गानों और फिल्मों के जरिए लोगों के दिलों में जगह बनानी चाहिए। बचपन से लेकर आज तक लोगों ने मुझे जो प्यार दिया है, वह मेरे गीतों और फिल्मों की वजह से मिला है। इसलिए मेरा ध्यान हमेशा अपने काम पर रहता है। सवाल: दर्शकों से क्या अपील करना चाहेंगे? जवाब – मैं सभी से निवेदन करता हूं कि ‘राउंड राउंड’ गीत को खूब प्यार दें। हमारी यह यात्रा वाराणसी से शुरू हुई है और हम चाहते हैं कि यह गीत उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड ही नहीं बल्कि देश-विदेश तक पहुंचे। उम्मीद है कि लोग इस पर जमकर थिरकेंगे। रिक्शा चालक के बेटे से भोजपुरी स्टार तक कल्लू ने अपने गायकी करियर की शुरुआत वर्ष 2010 में भोजपुरी एल्बम लेमन चूस से की थी। इस एल्बम ने उन्हें शुरुआती पहचान दिलाई। इसके बाद उनके गीत बोलता मुर्गवा कुकड़ुक और चोलिया के हुक राजा जी ने जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की। इन गानों की सफलता ने कल्लू को रातों-रात भोजपुरी संगीत जगत का चर्चित सितारा बना दिया। कल्लू का शुरुआती जीवन काफी संघर्षों से भरा रहा। उनके पिता एक साधारण रिक्शा चालक थे। सीमित आय और आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने अपने बेटे के हुनर पर भरोसा किया और उसके सपनों को पूरा करने के लिए हर संभव सहयोग किया। बताया जाता है कि कल्लू के पहले एल्बम को रिलीज कराने में भी उनके पिता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पिता के समर्थन और अपनी अथक मेहनत के बल पर कल्लू ने सफलता की ऊंचाइयों को छुआ। आज वह भोजपुरी इंडस्ट्री के सबसे व्यस्त और लोकप्रिय कलाकारों में गिने जाते हैं। गायन के साथ-साथ अभिनय और मंचीय प्रस्तुतियों में भी उनकी मजबूत पकड़ है, जिसके चलते उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है।


