जहानाबाद में अग्नि सुरक्षा की जांच तेज:निजी अस्पतालों और संस्थानों में मिली कमियां, विभाग ने दी कार्रवाई की चेतावनी

जहानाबाद में अग्नि सुरक्षा की जांच तेज:निजी अस्पतालों और संस्थानों में मिली कमियां, विभाग ने दी कार्रवाई की चेतावनी

मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में हुए अग्निकांड के बाद राज्य सरकार के निर्देश पर जहानाबाद में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच शुरू की गई है। बुधवार को अग्निशमन विभाग की टीम ने जिला मुख्यालय स्थित निजी नर्सिंग होम, क्लीनिक, कोचिंग संस्थान, छात्रावास और अन्य निजी संस्थानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने अग्निशामक यंत्रों की उपलब्धता और कार्यक्षमता, आपातकालीन निकास द्वार, विद्युत वायरिंग की स्थिति, पानी की व्यवस्था और आग लगने पर बचाव संबंधी उपायों का जायजा लिया। संस्थान संचालकों से अग्नि सुरक्षा से जुड़े आवश्यक दस्तावेज और अग्निशमन एनओसी भी मांगे गए। अग्निशमन विभाग के अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि जांच में कई संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई गई। कुछ जगहों पर अग्निशामक यंत्र अनुपयोगी मिले, जबकि कई संस्थानों में आपातकालीन निकास की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। विभाग इन सभी कमियों का विवरण तैयार कर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी निजी नर्सिंग होम, क्लीनिक और व्यावसायिक संस्थानों के लिए अग्निशमन एनओसी अनिवार्य है। जिन संस्थानों के पास एनओसी नहीं है या जो निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अग्निशमन विभाग ने संस्थान संचालकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करें और विभाग से संपर्क कर एनओसी प्राप्त करें। अधिकारियों ने जोर दिया कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह अग्नि सुरक्षा जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में हुए अग्निकांड के बाद राज्य सरकार के निर्देश पर जहानाबाद में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच शुरू की गई है। बुधवार को अग्निशमन विभाग की टीम ने जिला मुख्यालय स्थित निजी नर्सिंग होम, क्लीनिक, कोचिंग संस्थान, छात्रावास और अन्य निजी संस्थानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने अग्निशामक यंत्रों की उपलब्धता और कार्यक्षमता, आपातकालीन निकास द्वार, विद्युत वायरिंग की स्थिति, पानी की व्यवस्था और आग लगने पर बचाव संबंधी उपायों का जायजा लिया। संस्थान संचालकों से अग्नि सुरक्षा से जुड़े आवश्यक दस्तावेज और अग्निशमन एनओसी भी मांगे गए। अग्निशमन विभाग के अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि जांच में कई संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई गई। कुछ जगहों पर अग्निशामक यंत्र अनुपयोगी मिले, जबकि कई संस्थानों में आपातकालीन निकास की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। विभाग इन सभी कमियों का विवरण तैयार कर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी निजी नर्सिंग होम, क्लीनिक और व्यावसायिक संस्थानों के लिए अग्निशमन एनओसी अनिवार्य है। जिन संस्थानों के पास एनओसी नहीं है या जो निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अग्निशमन विभाग ने संस्थान संचालकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करें और विभाग से संपर्क कर एनओसी प्राप्त करें। अधिकारियों ने जोर दिया कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह अग्नि सुरक्षा जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।  

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