औरंगाबाद में खरीफ फसल के मौसम को देखते हुए किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंगलवार को सदर प्रखंड के ई-किसान भवन सभागार में प्रखंड स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख ज्ञानती देवी ने की। इस दौरान उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और किसानों को होने वाली समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी रमन सिन्हा, प्रखंड कृषि पदाधिकारी निकिता कुमारी, कृषि समन्वयक, उर्वरक निरीक्षक तथा प्रखंड के सभी लाइसेंसधारी उर्वरक विक्रेता मौजूद रहे। प्रखंड प्रमुख ने विक्रेताओं को निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और उन्हें निर्धारित दर पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि कृषि कार्यों के इस महत्वपूर्ण समय में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना सभी संबंधित अधिकारियों और विक्रेताओं की जिम्मेदारी है। उर्वरक की कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध होगी कार्रवाई प्रखंड कृषि पदाधिकारी निकिता कुमारी ने कहा कि सभी खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को सरकारी निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरकों की बिक्री करनी होगी। यदि किसी विक्रेता द्वारा अधिक कीमत वसूलने, कालाबाजारी करने अथवा अन्य प्रकार की अनियमितता की शिकायत मिलती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि उर्वरकों की बिक्री केवल पीओएस मशीन के माध्यम से की जाएगी, जिससे वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और वास्तविक किसानों को ही इसका लाभ मिल सके। उन्होंने सभी दुकानदारों को अपने प्रतिष्ठान के बाहर दुकान का नाम, उर्वरकों की मूल्य सूची और उपलब्ध स्टॉक की जानकारी प्रदर्शित करने का निर्देश दिया। कृषि पदाधिकारी ने बताया कि प्रखंड में वर्तमान में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसानों को उनकी आवश्यकता एवं भूमि की स्थिति के अनुरूप ही उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। उर्वरकों के संतुलित उपयोग और प्राकृतिक खेती करने पर बल बैठक में रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के साथ-साथ जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर भी विशेष बल दिया गया। निकिता कुमारी ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा “खेत बचाओ अभियान” एवं “धरती माता बचाओ अभियान” संचालित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से मिट्टी की उर्वरा शक्ति को संरक्षित रखने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों को बिहार कृषि ऐप की जानकारी देने और इसके उपयोग के लिए प्रेरित करने का भी निर्देश दिया गया।प्रखंड विकास पदाधिकारी रमन सिन्हा ने किसानों के खेतों की नियमित मिट्टी जांच कराने और मृदा स्वास्थ्य कार्ड की अनुशंसाओं के अनुरूप उर्वरकों के प्रयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संतुलित उर्वरक उपयोग से खेती की लागत कम होगी, मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होगी और फसल उत्पादन में भी वृद्धि होगी। बैठक में कृषि समन्वयक राज कुमार, मनोहर कुमार सहित अन्य अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे। औरंगाबाद में खरीफ फसल के मौसम को देखते हुए किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंगलवार को सदर प्रखंड के ई-किसान भवन सभागार में प्रखंड स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख ज्ञानती देवी ने की। इस दौरान उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और किसानों को होने वाली समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी रमन सिन्हा, प्रखंड कृषि पदाधिकारी निकिता कुमारी, कृषि समन्वयक, उर्वरक निरीक्षक तथा प्रखंड के सभी लाइसेंसधारी उर्वरक विक्रेता मौजूद रहे। प्रखंड प्रमुख ने विक्रेताओं को निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और उन्हें निर्धारित दर पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि कृषि कार्यों के इस महत्वपूर्ण समय में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना सभी संबंधित अधिकारियों और विक्रेताओं की जिम्मेदारी है। उर्वरक की कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध होगी कार्रवाई प्रखंड कृषि पदाधिकारी निकिता कुमारी ने कहा कि सभी खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को सरकारी निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरकों की बिक्री करनी होगी। यदि किसी विक्रेता द्वारा अधिक कीमत वसूलने, कालाबाजारी करने अथवा अन्य प्रकार की अनियमितता की शिकायत मिलती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि उर्वरकों की बिक्री केवल पीओएस मशीन के माध्यम से की जाएगी, जिससे वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और वास्तविक किसानों को ही इसका लाभ मिल सके। उन्होंने सभी दुकानदारों को अपने प्रतिष्ठान के बाहर दुकान का नाम, उर्वरकों की मूल्य सूची और उपलब्ध स्टॉक की जानकारी प्रदर्शित करने का निर्देश दिया। कृषि पदाधिकारी ने बताया कि प्रखंड में वर्तमान में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसानों को उनकी आवश्यकता एवं भूमि की स्थिति के अनुरूप ही उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। उर्वरकों के संतुलित उपयोग और प्राकृतिक खेती करने पर बल बैठक में रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के साथ-साथ जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर भी विशेष बल दिया गया। निकिता कुमारी ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा “खेत बचाओ अभियान” एवं “धरती माता बचाओ अभियान” संचालित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से मिट्टी की उर्वरा शक्ति को संरक्षित रखने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों को बिहार कृषि ऐप की जानकारी देने और इसके उपयोग के लिए प्रेरित करने का भी निर्देश दिया गया।प्रखंड विकास पदाधिकारी रमन सिन्हा ने किसानों के खेतों की नियमित मिट्टी जांच कराने और मृदा स्वास्थ्य कार्ड की अनुशंसाओं के अनुरूप उर्वरकों के प्रयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संतुलित उर्वरक उपयोग से खेती की लागत कम होगी, मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होगी और फसल उत्पादन में भी वृद्धि होगी। बैठक में कृषि समन्वयक राज कुमार, मनोहर कुमार सहित अन्य अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे।


