नवादा अग्निशमन पदाधिकारी ममता कुमारी ने मंगलवार को नवादा सदर अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था में कई गंभीर कमियां पाई गईं, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। अग्निशमन अधिकारी ममता कुमारी सुबह सदर अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने अस्पताल के हर वार्ड, इमरजेंसी विभाग, ओपीडी, स्टोर रूम और अन्य संवेदनशील इलाकों का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट गेट, पानी की उपलब्धता और अन्य अग्नि सुरक्षा उपकरणों की जांच की। निरीक्षण टीम ने पाया कि कई जगहों पर एक्सटिंग्विशर की स्थिति खराब है, कुछ जगहों पर अलार्म सिस्टम काम नहीं कर रहा है और इमरजेंसी एग्जिट भी पर्याप्त रूप से चिह्नित नहीं हैं। अग्नि सुरक्षा के मानकों में कई कमियां पाई गई निरीक्षण के बाद ममता कुमारी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “अस्पताल में अग्नि सुरक्षा के मानकों में कई कमियां पाई गई हैं। हमने सभी बिंदुओं पर सिविल सर्जन को अवगत करा दिया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि कमियों को शीघ्र दूर किया जाए ताकि मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।” सरकार का सख्त रुख मुजफ्फरपुर अग्निकांड के बाद नीतीश सरकार ने पूरे बिहार में सरकारी और निजी अस्पतालों, स्कूलों, कॉलेजों तथा भीड़-भाड़ वाली अन्य जगहों पर अग्नि सुरक्षा उपकरणों की अचानक जांच शुरू कर दी है। नवादा सदर अस्पताल में इस चेकिंग के दौरान काफी हलचल रही। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी सतर्क नजर आए। किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त न करना
सिविल सर्जन ने आश्वासन दिया है कि सभी कमियों को जल्द से जल्द दूर कर लिया जाएगा और अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त न करना है। मुजफ्फरपुर जैसी घटनाएं दोबारा न हो, इसके लिए पूरे राज्य में सख्ती बरती जा रही है। आमजन से भी अपील की गई है कि वे अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और किसी भी सार्वजनिक स्थान पर अग्नि सुरक्षा संबंधी कमियां नजर आने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। नवादा अग्निशमन पदाधिकारी ममता कुमारी ने मंगलवार को नवादा सदर अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था में कई गंभीर कमियां पाई गईं, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। अग्निशमन अधिकारी ममता कुमारी सुबह सदर अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने अस्पताल के हर वार्ड, इमरजेंसी विभाग, ओपीडी, स्टोर रूम और अन्य संवेदनशील इलाकों का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट गेट, पानी की उपलब्धता और अन्य अग्नि सुरक्षा उपकरणों की जांच की। निरीक्षण टीम ने पाया कि कई जगहों पर एक्सटिंग्विशर की स्थिति खराब है, कुछ जगहों पर अलार्म सिस्टम काम नहीं कर रहा है और इमरजेंसी एग्जिट भी पर्याप्त रूप से चिह्नित नहीं हैं। अग्नि सुरक्षा के मानकों में कई कमियां पाई गई निरीक्षण के बाद ममता कुमारी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “अस्पताल में अग्नि सुरक्षा के मानकों में कई कमियां पाई गई हैं। हमने सभी बिंदुओं पर सिविल सर्जन को अवगत करा दिया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि कमियों को शीघ्र दूर किया जाए ताकि मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।” सरकार का सख्त रुख मुजफ्फरपुर अग्निकांड के बाद नीतीश सरकार ने पूरे बिहार में सरकारी और निजी अस्पतालों, स्कूलों, कॉलेजों तथा भीड़-भाड़ वाली अन्य जगहों पर अग्नि सुरक्षा उपकरणों की अचानक जांच शुरू कर दी है। नवादा सदर अस्पताल में इस चेकिंग के दौरान काफी हलचल रही। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी सतर्क नजर आए। किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त न करना
सिविल सर्जन ने आश्वासन दिया है कि सभी कमियों को जल्द से जल्द दूर कर लिया जाएगा और अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त न करना है। मुजफ्फरपुर जैसी घटनाएं दोबारा न हो, इसके लिए पूरे राज्य में सख्ती बरती जा रही है। आमजन से भी अपील की गई है कि वे अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और किसी भी सार्वजनिक स्थान पर अग्नि सुरक्षा संबंधी कमियां नजर आने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।


