हरदोई में सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 साल पूरे:विशेष क्लीनिकों में 4,214 गर्भवती महिलाओं की जांच हुईं

हरदोई में सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 साल पूरे:विशेष क्लीनिकों में 4,214 गर्भवती महिलाओं की जांच हुईं

हरदोई जनपद में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के 10 वर्ष पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर मंगलवार को सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में विशेष क्लीनिक आयोजित किए गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. भवनाथ पांडे ने बताया कि वर्ष 2016 में शुरू हुए इस अभियान की इस वर्ष की थीम ‘पीएमएसएमए के 10 वर्ष: सुरक्षित गर्भावस्था, स्वस्थ माताएं एवं सशक्त भारत’ रखी गई है। पहले यह अभियान हर माह की 9 तारीख को आयोजित होता था, लेकिन अब गर्भवती महिलाओं की सुविधा के लिए इसे महीने की 1, 9, 16 और 24 तारीख को भी आयोजित किया जाता है। सीएमओ डॉ. पांडे के अनुसार, पिछले एक दशक में जनपद की लगभग 3.54 लाख गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच (एएनसी) की गई है। इनमें से 31,829 उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) मामलों की पहचान कर उनका उचित प्रबंधन सुनिश्चित किया गया। मंगलवार को आयोजित विशेष क्लीनिकों में कुल 4,214 गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच की गई। इस दौरान 564 उच्च जोखिम वाली (एचआरपी) महिलाओं की पहचान की गई। इसके अतिरिक्त, 1,387 महिलाओं का अल्ट्रासाउंड भी कराया गया, जिससे जटिलताओं की समय रहते पहचान हो सके। चिन्हित एचआरपी महिलाओं का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर नियमित अनुश्रवण किया जा रहा है। एनीमिया से प्रभावित महिलाओं को आयरन सुक्रोज थेरेपी प्रदान की गई, जबकि गंभीर मामलों में प्रथम रेफरल इकाइयों (एफआरयू) पर फेरिक कार्बोक्सीमाल्टोज (एफसीएम) इंजेक्शन लगाए गए। इस अभियान के तहत दूसरी व तीसरी तिमाही की गर्भवती महिलाओं की विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा नियमित जांच की जाती है। इसमें एनीमिया, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसे जोखिमों का समय पर प्रबंधन शामिल है। सीएमओ ने सुरक्षित मातृत्व के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी से नियमित जांच कराने और संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता देने की अपील की है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *