मधुबनी में मंगलवार को ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी), पीपुल्स प्लान कैंपेन (पीपीसी) और 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर एक जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला बिहार राज्य पंचायत संसाधन संस्थान, पंचायती राज विभाग, पटना के निर्देशानुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आयोजित हुई। डीआरडीए सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती बिंदु गुलाब यादव, उप विकास आयुक्त सुमन प्रसाद साह और जिला पंचायत राज पदाधिकारी राकेश कुमार झा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। वक्ताओं ने ग्राम पंचायत विकास योजना को पंचायतों के समग्र विकास की आधारशिला बताया और स्थानीय जरूरतों, संसाधनों व जनभागीदारी के आधार पर योजना निर्माण पर जोर दिया। प्रभावी क्रियान्वयन पर स्पेशल फोकस उन्होंने पीपुल्स प्लान कैंपेन के माध्यम से ग्राम सभाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप योजनाओं के निर्माण और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से उप जिला परिषद अध्यक्ष, प्रमुख, उपप्रमुख, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी (बीपीआरओ) और प्रखंड कार्यपालक सहायक प्रशिक्षु के रूप में शामिल हुए। संबंधित प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई इस दौरान प्रतिभागियों को ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने की प्रक्रिया, पंचायत स्तरीय संसाधनों के आकलन, ग्राम सभा की भूमिका, विभागीय अभिसरण, पीपुल्स प्लान कैंपेन के विभिन्न चरणों और 16वें वित्त आयोग से संबंधित प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। नोडल पदाधिकारी विकास कुमार मिश्रा, नोडल पदाधिकारी (आरटीपीएस) रजनीश कुमार, कमलेश कुमार और गणेश साहू ने प्रशिक्षक के रूप में डेटा आधारित योजना निर्माण, पंचायतों की विकास प्राथमिकताओं के निर्धारण तथा प्रभावी कार्यान्वयन की रणनीतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। पंचायतों के विकास का रोडमैप जिला पंचायत राज पदाधिकारी राकेश कुमार झा ने कहा कि ग्राम पंचायत विकास योजना केवल एक औपचारिक दस्तावेज नहीं, बल्कि पंचायतों के विकास का रोडमैप है। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए पंचायत स्तर पर बेहतर योजना निर्माण और पारदर्शी विकास प्रक्रिया को मजबूत बनाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका बताई। मधुबनी में मंगलवार को ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी), पीपुल्स प्लान कैंपेन (पीपीसी) और 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर एक जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला बिहार राज्य पंचायत संसाधन संस्थान, पंचायती राज विभाग, पटना के निर्देशानुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आयोजित हुई। डीआरडीए सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती बिंदु गुलाब यादव, उप विकास आयुक्त सुमन प्रसाद साह और जिला पंचायत राज पदाधिकारी राकेश कुमार झा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। वक्ताओं ने ग्राम पंचायत विकास योजना को पंचायतों के समग्र विकास की आधारशिला बताया और स्थानीय जरूरतों, संसाधनों व जनभागीदारी के आधार पर योजना निर्माण पर जोर दिया। प्रभावी क्रियान्वयन पर स्पेशल फोकस उन्होंने पीपुल्स प्लान कैंपेन के माध्यम से ग्राम सभाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप योजनाओं के निर्माण और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से उप जिला परिषद अध्यक्ष, प्रमुख, उपप्रमुख, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी (बीपीआरओ) और प्रखंड कार्यपालक सहायक प्रशिक्षु के रूप में शामिल हुए। संबंधित प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई इस दौरान प्रतिभागियों को ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने की प्रक्रिया, पंचायत स्तरीय संसाधनों के आकलन, ग्राम सभा की भूमिका, विभागीय अभिसरण, पीपुल्स प्लान कैंपेन के विभिन्न चरणों और 16वें वित्त आयोग से संबंधित प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। नोडल पदाधिकारी विकास कुमार मिश्रा, नोडल पदाधिकारी (आरटीपीएस) रजनीश कुमार, कमलेश कुमार और गणेश साहू ने प्रशिक्षक के रूप में डेटा आधारित योजना निर्माण, पंचायतों की विकास प्राथमिकताओं के निर्धारण तथा प्रभावी कार्यान्वयन की रणनीतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। पंचायतों के विकास का रोडमैप जिला पंचायत राज पदाधिकारी राकेश कुमार झा ने कहा कि ग्राम पंचायत विकास योजना केवल एक औपचारिक दस्तावेज नहीं, बल्कि पंचायतों के विकास का रोडमैप है। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए पंचायत स्तर पर बेहतर योजना निर्माण और पारदर्शी विकास प्रक्रिया को मजबूत बनाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका बताई।


