सहरसा में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय परिसर स्थित शिक्षा भवन की दूसरी मंजिल पर मंगलवार सुबह आग लग गई। यह घटना सुबह करीब साढ़े आठ बजे बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण हुई। आग लगने से कार्यालय में मौजूद कर्मियों और अन्य लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। आग शिक्षा भवन की दूसरी मंजिल पर स्थित मीटिंग हॉल में लगी थी। घटना की सूचना मिलते ही विभागीय कर्मियों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया। हालांकि, आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते मीटिंग हॉल में रखा फर्नीचर, कुर्सियां, मेज, एलईडी टीवी सहित अन्य आवश्यक सामान इसकी चपेट में आ गए। एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू सूचना मिलने के बाद अग्निशमन विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड के जवानों ने लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया। समय रहते आग बुझा लिए जाने से भवन के अन्य हिस्सों में आग फैलने से रोक लिया गया, जिससे बड़े नुकसान को टाला जा सका। घटना की जानकारी मिलने पर डायल-112 की पुलिस टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने अग्निशमन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग किया। तीन लाख के सामान जलकर राख डायल-112 में तैनात सब इंस्पेक्टर रमेश कुमार ने बताया कि शिक्षा विभाग के भवन में आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गई थी। तब तक फायर ब्रिगेड और विभागीय कर्मियों के प्रयासों से आग पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया था। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, आग लगने से मीटिंग हॉल में रखे तीन लाख रुपए से अधिक मूल्य के सामान जलकर नष्ट हो गए हैं। फिलहाल, आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि नुकसान का विस्तृत आकलन कराया जा रहा है। घटना के बाद शिक्षा भवन परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। सहरसा में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय परिसर स्थित शिक्षा भवन की दूसरी मंजिल पर मंगलवार सुबह आग लग गई। यह घटना सुबह करीब साढ़े आठ बजे बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण हुई। आग लगने से कार्यालय में मौजूद कर्मियों और अन्य लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। आग शिक्षा भवन की दूसरी मंजिल पर स्थित मीटिंग हॉल में लगी थी। घटना की सूचना मिलते ही विभागीय कर्मियों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया। हालांकि, आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते मीटिंग हॉल में रखा फर्नीचर, कुर्सियां, मेज, एलईडी टीवी सहित अन्य आवश्यक सामान इसकी चपेट में आ गए। एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू सूचना मिलने के बाद अग्निशमन विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड के जवानों ने लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया। समय रहते आग बुझा लिए जाने से भवन के अन्य हिस्सों में आग फैलने से रोक लिया गया, जिससे बड़े नुकसान को टाला जा सका। घटना की जानकारी मिलने पर डायल-112 की पुलिस टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने अग्निशमन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग किया। तीन लाख के सामान जलकर राख डायल-112 में तैनात सब इंस्पेक्टर रमेश कुमार ने बताया कि शिक्षा विभाग के भवन में आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गई थी। तब तक फायर ब्रिगेड और विभागीय कर्मियों के प्रयासों से आग पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया था। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, आग लगने से मीटिंग हॉल में रखे तीन लाख रुपए से अधिक मूल्य के सामान जलकर नष्ट हो गए हैं। फिलहाल, आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि नुकसान का विस्तृत आकलन कराया जा रहा है। घटना के बाद शिक्षा भवन परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी।


