भास्कर न्यूज | जालंधर डॉ. बी.आर. अंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जालंधर में दो दिवसीय इंडस्ट्री–अकादमिक कॉन्क्लेव 2026 का समापन हुआ। आयोजन में सरकार, उद्योग, शोध संगठनों, स्टार्टअप और शिक्षाजगत से जुड़े प्रतिनिधियों ने नवाचार, उभरती प्रौद्योगिकियों, उद्यमिता और सहयोगी अनुसंधान पर चर्चा की। संस्थान के अनुसार, कॉन्क्लेव में देशभर से 200 से अधिक छात्र, शिक्षक, शोधकर्ता, उद्यमी और औद्योगिक प्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्य भाषण, तकनीकी सत्र, पैनल चर्चा और नेटवर्किंग के जरिए उद्योग–अकादमिक सहभागिता को मजबूत करने तथा तकनीकी व औद्योगिक चुनौतियों पर संवाद किया गया। वक्ताओं में डॉ. शिवकुमार कल्याणारमन, डॉ. संगिता एम. कस्तुरे, डॉ. शिवानंद आर. कोटेश्वर, डॉ. विलास ज़ोडे और श्री सौमेन भट्टाचार्य शामिल रहे। डॉ. सी.एस. यादव, आशुतोष वाधवा, सुधीर गेरा, पीयूष डी. उके और डॉ. प्रशांत एम. नाइक के सत्र भी हुए। प्रो. बिनोद कुमार कनौजिया ने कहा कि अकादमिक, उद्योग और सरकार का सार्थक जुड़ाव नवाचार व शोध उत्कृष्टता के लिए आवश्यक है।


