FIFA World Cup 2026: World Cup 2026 से पहले England, Brazil जैसी टीमों में मचा घमासान, चयन पर बड़ी बहस

FIFA World Cup 2026: World Cup 2026 से पहले England, Brazil जैसी टीमों में मचा घमासान, चयन पर बड़ी बहस

फुटबॉल विश्व कप 2026 के आगाज में अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं और दुनिया भर में इस महाकुंभ को लेकर उत्साह चरम पर पहुंच चुका है। इस बार प्रतियोगिता अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा की संयुक्त मेजबानी में आयोजित की जा रही है, जिसमें 48 देशों की टीमें हिस्सा ले रही हैं। सभी टीमें अपनी अंतिम तैयारियों में जुटी हुई हैं, लेकिन कई दावेदार देशों के सामने अब भी कुछ बड़े चयन संबंधी सवाल खड़े हैं।गौरतलब है कि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में केवल अच्छी टीम होना ही काफी नहीं होता, बल्कि सही समय पर सही खिलाड़ियों का चयन भी जीत और हार के बीच अंतर पैदा कर सकता है। यही वजह है कि इंग्लैंड, स्पेन और ब्राजील जैसे मजबूत दावेदार देशों में शुरुआती एकादश को लेकर बहस तेज हो गई है।इंग्लैंड की टीम में सबसे बड़ी चर्चा जूड बेलिंगहैम और मॉर्गन रोजर्स को लेकर हो रही है। इंग्लैंड के मुख्य प्रशिक्षक थोमस टुखेल को यह तय करना है कि टीम के प्रमुख आक्रमणकारी मध्य क्षेत्र खिलाड़ी के रूप में किसे मौका दिया जाए। हैरी केन के पीछे खेलने वाली इस भूमिका के लिए दोनों खिलाड़ी मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।बता दें कि जूड बेलिंगहैम इंग्लैंड के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल हैं, लेकिन हाल के समय में उनका प्रदर्शन अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा है। वहीं मॉर्गन रोजर्स शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने अपने क्लब के लिए पिछले सत्र में 14 गोल किए और 11 गोल करवाने में योगदान दिया। विश्व कप क्वालीफिकेशन के दौरान भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा था। ऐसे में टुखेल के सामने चयन को लेकर कठिन फैसला है।दूसरी ओर स्पेन की टीम में गोलरक्षक की भूमिका को लेकर चर्चा जारी है। हालांकि मुख्य प्रशिक्षक लुइस दे ला फुएंते की पहली पसंद उनाई सिमोन माने जा रहे हैं, लेकिन कई प्रशंसकों का मानना है कि डेविड राया भी इस स्थान के मजबूत दावेदार हैं। डेविड राया ने अपने क्लब के लिए लगातार शानदार प्रदर्शन किया है और कई मुकाबलों में गोल नहीं होने दिए।मौजूद जानकारी के अनुसार नवंबर 2024 के बाद से स्पेन के लिए राया को बहुत कम अवसर मिले हैं। इसके बावजूद प्रशिक्षक लुइस दे ला फुएंते का मानना है कि उनाई सिमोन का अनुभव और राष्ट्रीय टीम के लिए उनका योगदान उन्हें प्राथमिकता दिलाता है। वहीं बार्सिलोना के युवा गोलरक्षक जोआन गार्सिया को लेकर भी उम्मीदें थीं, लेकिन हालिया अभ्यास मुकाबले में उनका प्रदर्शन साधारण रहा है।ब्राजील की टीम में सबसे बड़ी बहस अग्रिम पंक्ति के मुख्य खिलाड़ी को लेकर है। ब्राजील के नए प्रशिक्षक कार्लो एंचेलोटी को अभी तक यह तय करना है कि मोरक्को के खिलाफ पहले मुकाबले में किसे शुरुआत का मौका दिया जाए।माथेउस कुन्हा को इस समय सबसे आगे माना जा रहा है और उन्हें प्रतियोगिता के लिए नौ नंबर की जिम्मेदारी भी दी गई है। हालांकि राष्ट्रीय टीम के लिए उनके गोलों की संख्या सीमित रही है। दूसरी ओर इगोर थियागो ने अपने क्लब के लिए शानदार प्रदर्शन कर सबका ध्यान खींचा है। पिछले सत्र में उन्होंने लगातार गोल किए और राष्ट्रीय टीम में भी प्रभाव छोड़ा है।गौरतलब है कि युवा खिलाड़ी एंद्रिक भी इस दौड़ में शामिल हैं। कुछ समय पहले तक उन्हें ब्राजील का भविष्य माना जा रहा था, लेकिन क्लब स्तर पर सीमित अवसर मिलने के कारण उनकी प्रगति प्रभावित हुई थी। हालांकि हाल के मुकाबलों में उन्होंने वापसी के संकेत दिए हैं। मिस्र के खिलाफ गोल करने के बाद उनके पक्ष में माहौल मजबूत हुआ है।विश्व कप के करीब आते ही इन चयन संबंधी चर्चाओं ने प्रशंसकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है। अब सभी की नजरें शुरुआती मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां यह साफ हो जाएगा कि प्रशिक्षकों ने किस पर भरोसा जताया है और कौन खिलाड़ी अपनी टीम को विश्व खिताब की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाता है। 

फुटबॉल विश्व कप 2026 के आगाज में अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं और दुनिया भर में इस महाकुंभ को लेकर उत्साह चरम पर पहुंच चुका है। इस बार प्रतियोगिता अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा की संयुक्त मेजबानी में आयोजित की जा रही है, जिसमें 48 देशों की टीमें हिस्सा ले रही हैं। सभी टीमें अपनी अंतिम तैयारियों में जुटी हुई हैं, लेकिन कई दावेदार देशों के सामने अब भी कुछ बड़े चयन संबंधी सवाल खड़े हैं।
गौरतलब है कि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में केवल अच्छी टीम होना ही काफी नहीं होता, बल्कि सही समय पर सही खिलाड़ियों का चयन भी जीत और हार के बीच अंतर पैदा कर सकता है। यही वजह है कि इंग्लैंड, स्पेन और ब्राजील जैसे मजबूत दावेदार देशों में शुरुआती एकादश को लेकर बहस तेज हो गई है।
इंग्लैंड की टीम में सबसे बड़ी चर्चा जूड बेलिंगहैम और मॉर्गन रोजर्स को लेकर हो रही है। इंग्लैंड के मुख्य प्रशिक्षक थोमस टुखेल को यह तय करना है कि टीम के प्रमुख आक्रमणकारी मध्य क्षेत्र खिलाड़ी के रूप में किसे मौका दिया जाए। हैरी केन के पीछे खेलने वाली इस भूमिका के लिए दोनों खिलाड़ी मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
बता दें कि जूड बेलिंगहैम इंग्लैंड के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल हैं, लेकिन हाल के समय में उनका प्रदर्शन अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा है। वहीं मॉर्गन रोजर्स शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने अपने क्लब के लिए पिछले सत्र में 14 गोल किए और 11 गोल करवाने में योगदान दिया। विश्व कप क्वालीफिकेशन के दौरान भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा था। ऐसे में टुखेल के सामने चयन को लेकर कठिन फैसला है।
दूसरी ओर स्पेन की टीम में गोलरक्षक की भूमिका को लेकर चर्चा जारी है। हालांकि मुख्य प्रशिक्षक लुइस दे ला फुएंते की पहली पसंद उनाई सिमोन माने जा रहे हैं, लेकिन कई प्रशंसकों का मानना है कि डेविड राया भी इस स्थान के मजबूत दावेदार हैं। डेविड राया ने अपने क्लब के लिए लगातार शानदार प्रदर्शन किया है और कई मुकाबलों में गोल नहीं होने दिए।
मौजूद जानकारी के अनुसार नवंबर 2024 के बाद से स्पेन के लिए राया को बहुत कम अवसर मिले हैं। इसके बावजूद प्रशिक्षक लुइस दे ला फुएंते का मानना है कि उनाई सिमोन का अनुभव और राष्ट्रीय टीम के लिए उनका योगदान उन्हें प्राथमिकता दिलाता है। वहीं बार्सिलोना के युवा गोलरक्षक जोआन गार्सिया को लेकर भी उम्मीदें थीं, लेकिन हालिया अभ्यास मुकाबले में उनका प्रदर्शन साधारण रहा है।
ब्राजील की टीम में सबसे बड़ी बहस अग्रिम पंक्ति के मुख्य खिलाड़ी को लेकर है। ब्राजील के नए प्रशिक्षक कार्लो एंचेलोटी को अभी तक यह तय करना है कि मोरक्को के खिलाफ पहले मुकाबले में किसे शुरुआत का मौका दिया जाए।
माथेउस कुन्हा को इस समय सबसे आगे माना जा रहा है और उन्हें प्रतियोगिता के लिए नौ नंबर की जिम्मेदारी भी दी गई है। हालांकि राष्ट्रीय टीम के लिए उनके गोलों की संख्या सीमित रही है। दूसरी ओर इगोर थियागो ने अपने क्लब के लिए शानदार प्रदर्शन कर सबका ध्यान खींचा है। पिछले सत्र में उन्होंने लगातार गोल किए और राष्ट्रीय टीम में भी प्रभाव छोड़ा है।
गौरतलब है कि युवा खिलाड़ी एंद्रिक भी इस दौड़ में शामिल हैं। कुछ समय पहले तक उन्हें ब्राजील का भविष्य माना जा रहा था, लेकिन क्लब स्तर पर सीमित अवसर मिलने के कारण उनकी प्रगति प्रभावित हुई थी। हालांकि हाल के मुकाबलों में उन्होंने वापसी के संकेत दिए हैं। मिस्र के खिलाफ गोल करने के बाद उनके पक्ष में माहौल मजबूत हुआ है।
विश्व कप के करीब आते ही इन चयन संबंधी चर्चाओं ने प्रशंसकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है। अब सभी की नजरें शुरुआती मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां यह साफ हो जाएगा कि प्रशिक्षकों ने किस पर भरोसा जताया है और कौन खिलाड़ी अपनी टीम को विश्व खिताब की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाता है।

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