अधिकमास परिक्रमा-पहले दिन बना 40-50 हजार लोगों का भोजन:बाजार में कोपता 20 का यहा 5 रुपए में, 02 बालूशाही 50 की यहां सिर्फ 10 रुपए में, 18 सालों से नहीं बदला मेन्यू

अधिकमास परिक्रमा-पहले दिन बना 40-50 हजार लोगों का भोजन:बाजार में कोपता 20 का यहा 5 रुपए में, 02 बालूशाही 50 की यहां सिर्फ 10 रुपए में, 18 सालों से नहीं बदला मेन्यू

दोपहर के करीब दो बज रहे थे। मानपुरा भाकरी पर कूपन लेने के लिए लोगों की कतार लगी थी। जबकि अभी परिक्रमा यहां पहुंची भी नहीं थी। पूछा तो सामने आया कि बाजार में जो कोपता 20 रुपए में मिलता है वह यहां सिर्फ 5 रुपए में दे रहे है और जो 02 बालूशाही बाजार में 50 रुपए की मिलती है वह यहां महज 10 रुपए में मिल रही है। इसलिए शहर से अधिकतर लोग यहां लाइन में कूपन लेने के लिए खड़े थे। ताकि जब परिक्रमा आने पर इनका वितरण शुरू हो तो वे भी अपने परिवार और बच्चों के लिए यहां से मिठाई, नमकीन पीस लेकर जा सके। लेकिन सवाल खड़ा होता है कि बाजार से इतने कम दामों में यह लोग मिठाई, सब्जी पूड़ी, कोपता कैसे उपलब्ध करवाते है। इस पर अधिकमास परिक्रमा आयोजन समिति से जुड़े लोगों ने बताया कि दानदाताओं का इसमें सहयोग रहता है। इसलिए वे बिना किसी स्वार्थ के इतने कम रेट में उपलब्ध करवा है। पहले दिन बना 40-50 हजार लोगों के लिए खाना
अधिकमास परिक्रमा में भोजन व्यवस्था देखने वाले सोहनसिंह ने बताया कि वे पिछले 18 सालों से अधिकमास परिक्रमा में भोजन का मेन्यू नहीं बदला है। बालूशाही, पूडी-सब्जी, कोपता भोजन में रहता है। इस बार गर्मी को देखते हुए छाछ एड की है। सोमवार शाम को 40-50 हजार लोगों के लिए भोजन बनाया गया है। परिक्रमा में इतने लोग नहीं रहते लेकिन बाजार से तीन गुणा कम दाम पर यहां कोपता, सब्जी-पूड़ी, मिठाई मिलती है इसलिए बड़ी संख्या में शहरवासी यहां आते है और अपने परिवार के लिए मिठाई, कोपता आदि लेकर जाते है। 350 हलवाई-स्टॉफ लगा भोजन बनाने में
40-50 हजार लोगों का खाना बनाने में समय लगता है। ऐसे में यहां 150 हलवाई, 150 महिला हेल्पर और 50 अन्य स्टॉफ लगा हुआ है। 15-15 भट्‌टी पर पुड़िया और कोपता बनाने के लिए लगाई। 12 भट्‌टी पर मिठाई बनाई। 06 भट्‌टी पर सब्जी बनाई गई। सुबह 5 बजे खाना बनाना शुरू किया। जो रात 8 बजे तक चलता यहां। उसके बाद रात को ही यह हलवाई का यह स्टॉफ अगले स्टॉफ यानि कृषि मंडी के लिए रवाना हो जाता है। और मंगलवार शाम के भोजन की तैयारी करता है।

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