गोपालगंज जिले में नियोजित शिक्षकों ने चार महीने के लंबित वेतन सहित छह सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल शुरू कर दी है। शिक्षकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यह प्रदर्शन जिले के शिक्षा भवन परिसर में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत किया जा रहा है। इसमें बड़ी संख्या में महिला और पुरुष नियोजित शिक्षक शामिल हुए। शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। परिवारों को भुखमरी का सामना करना पड़ रहा
भूख हड़ताल का नेतृत्व कर रहे नियोजित शिक्षक सत्येंद्र कुमार ने बताया कि चार महीने से वेतन का भुगतान न होने के कारण उनके परिवारों को भुखमरी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने तत्काल वेतन भुगतान के साथ-साथ स्नातक प्रोन्नति, कालबद्ध प्रोन्नति, नियुक्ति तिथि से ईपीएफ का लाभ, ईएल का आर्थिक लाभ और ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग की। अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल की अध्यक्षता प्रारंभिक शिक्षक कल्याण संघ के जिलाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार और सत्येंद्र राय ने संयुक्त रूप से की। परमहंस राय और विकास कुमार ने संयुक्त रूप से धरना प्रदर्शन का संचालन किया। पारिवारिक जीवन पर पड़ रहे गंभीर प्रभाव
सत्येंद्र कुमार ने शिक्षकों के चार महीने से वेतन भुगतान न होने के कारण उनके पारिवारिक जीवन पर पड़ रहे गंभीर प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी के आदेश पर प्रखंड विकास पदाधिकारी, पंचदेवरी द्वारा शिक्षकों को कालबद्ध प्रोन्नति दी गई थी। हालांकि, डीपीओ स्थापना ने 30 मई को एक पत्र जारी कर प्रखंड विकास पदाधिकारी, पंचदेवरी से कारण बताओ नोटिस जारी किया, जिसमें पूछा गया कि बिना किसी विभागीय आदेश के कालबद्ध प्रोन्नति कैसे दी गई। सत्येंद्र राय ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका आंदोलन लगातार जारी रहेगा। गोपालगंज जिले में नियोजित शिक्षकों ने चार महीने के लंबित वेतन सहित छह सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल शुरू कर दी है। शिक्षकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यह प्रदर्शन जिले के शिक्षा भवन परिसर में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत किया जा रहा है। इसमें बड़ी संख्या में महिला और पुरुष नियोजित शिक्षक शामिल हुए। शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। परिवारों को भुखमरी का सामना करना पड़ रहा
भूख हड़ताल का नेतृत्व कर रहे नियोजित शिक्षक सत्येंद्र कुमार ने बताया कि चार महीने से वेतन का भुगतान न होने के कारण उनके परिवारों को भुखमरी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने तत्काल वेतन भुगतान के साथ-साथ स्नातक प्रोन्नति, कालबद्ध प्रोन्नति, नियुक्ति तिथि से ईपीएफ का लाभ, ईएल का आर्थिक लाभ और ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग की। अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल की अध्यक्षता प्रारंभिक शिक्षक कल्याण संघ के जिलाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार और सत्येंद्र राय ने संयुक्त रूप से की। परमहंस राय और विकास कुमार ने संयुक्त रूप से धरना प्रदर्शन का संचालन किया। पारिवारिक जीवन पर पड़ रहे गंभीर प्रभाव
सत्येंद्र कुमार ने शिक्षकों के चार महीने से वेतन भुगतान न होने के कारण उनके पारिवारिक जीवन पर पड़ रहे गंभीर प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी के आदेश पर प्रखंड विकास पदाधिकारी, पंचदेवरी द्वारा शिक्षकों को कालबद्ध प्रोन्नति दी गई थी। हालांकि, डीपीओ स्थापना ने 30 मई को एक पत्र जारी कर प्रखंड विकास पदाधिकारी, पंचदेवरी से कारण बताओ नोटिस जारी किया, जिसमें पूछा गया कि बिना किसी विभागीय आदेश के कालबद्ध प्रोन्नति कैसे दी गई। सत्येंद्र राय ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका आंदोलन लगातार जारी रहेगा।


