सहरसा नगर निगम के वार्ड संख्या 26 स्थित सहरसा बस्ती और मिल्लत नगर में सड़क निर्माण कार्य को लेकर विवाद सामने आया है। वार्ड पार्षद प्रतिनिधि मोहम्मद अली खान ने निर्माण कार्य रुकवाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए सदर थाना में शिकायत दर्ज कराई है। मोहल्ले में रहते हैं 40 से 50 परिवार आवेदन के अनुसार, वार्ड संख्या 26 के मोहल्ले में लगभग 40 से 50 गरीब परिवार रहते हैं। इनके आवागमन को सुगम बनाने के लिए नगर निगम ने सड़क निर्माण योजना स्वीकृत की थी। यह प्रस्तावित सड़क अली बाबू के घर से मोहम्मद शहजाद अली के घर होते हुए सहरसा-मधेपुरा मुख्य मार्ग (एनएच-107) तक जानी है। नगर निगम की निविदा (एनआईटी संख्या-14, ग्रुप-12) के तहत संवेदक महबूब आलम द्वारा पिछले तीन दिनों से ट्रैक्टरों के माध्यम से मिट्टी भराई का कार्य शांतिपूर्वक चल रहा था। विरोध करने पर गाली-गलौज मोहम्मद अली खान ने आरोप लगाया है कि मो. करामत अली, मो. तारिक और मो. अबू बकर उर्फ मुन्ना अपने कुछ सहयोगियों के साथ निर्माण स्थल पर पहुंचे। उन्होंने जबरन कार्य बंद करा दिया और विरोध करने पर गाली-गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपी सड़क निर्माण से पहले जमीन की मापी कराने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, उनका दावा है कि संबंधित भूमि की चौहद्दी और दस्तावेजों में रास्ते का स्पष्ट उल्लेख है। करामत अली ने अपनी जमीन को पहले से ही चारदीवारी से घेर रखा है। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित लोग पिछले करीब 20 वर्षों से मोहल्ले के विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करते रहे हैं। सरकारी अमीन द्वारा भूमि मापी के प्रयासों को भी पूर्व में विरोध और धमकी देकर प्रभावित किया जाता रहा है। सहरसा सदर थाना अध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने बताया कि आवेदन प्राप्त हो गया है। आवेदन के आलोक में जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सहरसा नगर निगम के वार्ड संख्या 26 स्थित सहरसा बस्ती और मिल्लत नगर में सड़क निर्माण कार्य को लेकर विवाद सामने आया है। वार्ड पार्षद प्रतिनिधि मोहम्मद अली खान ने निर्माण कार्य रुकवाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए सदर थाना में शिकायत दर्ज कराई है। मोहल्ले में रहते हैं 40 से 50 परिवार आवेदन के अनुसार, वार्ड संख्या 26 के मोहल्ले में लगभग 40 से 50 गरीब परिवार रहते हैं। इनके आवागमन को सुगम बनाने के लिए नगर निगम ने सड़क निर्माण योजना स्वीकृत की थी। यह प्रस्तावित सड़क अली बाबू के घर से मोहम्मद शहजाद अली के घर होते हुए सहरसा-मधेपुरा मुख्य मार्ग (एनएच-107) तक जानी है। नगर निगम की निविदा (एनआईटी संख्या-14, ग्रुप-12) के तहत संवेदक महबूब आलम द्वारा पिछले तीन दिनों से ट्रैक्टरों के माध्यम से मिट्टी भराई का कार्य शांतिपूर्वक चल रहा था। विरोध करने पर गाली-गलौज मोहम्मद अली खान ने आरोप लगाया है कि मो. करामत अली, मो. तारिक और मो. अबू बकर उर्फ मुन्ना अपने कुछ सहयोगियों के साथ निर्माण स्थल पर पहुंचे। उन्होंने जबरन कार्य बंद करा दिया और विरोध करने पर गाली-गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपी सड़क निर्माण से पहले जमीन की मापी कराने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, उनका दावा है कि संबंधित भूमि की चौहद्दी और दस्तावेजों में रास्ते का स्पष्ट उल्लेख है। करामत अली ने अपनी जमीन को पहले से ही चारदीवारी से घेर रखा है। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित लोग पिछले करीब 20 वर्षों से मोहल्ले के विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करते रहे हैं। सरकारी अमीन द्वारा भूमि मापी के प्रयासों को भी पूर्व में विरोध और धमकी देकर प्रभावित किया जाता रहा है। सहरसा सदर थाना अध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने बताया कि आवेदन प्राप्त हो गया है। आवेदन के आलोक में जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


