हजारीबाग पुलिस ने गिद्धी सी चेकपोस्ट पर गोलीबारी करने वाले राहुल दुबे गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधी की पहचान मोहम्मद वारिस (22) के रूप में हुई है, जो पुन्दोल (चंदोल), बड़कागांव, हजारीबाग का निवासी है। पुलिस ने उसके पास से घटना में इस्तेमाल किया गया 7.62 एमएम का एक देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस जब्त किए हैं। यह घटना 2 जून 2026 को गिद्धी सी चेकपोस्ट पर हुई थी। राहुल दुबे गिरोह के दो सदस्य एक बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए और क्षेत्र में दहशत फैलाने के उद्देश्य से अंधाधुंध हवाई फायरिंग की। इस संबंध में गिद्धी थाना में 3 जून 2026 को कांड संख्या 13/26 दर्ज किया गया था। मामला बीएनएस की धारा 109(1)/3(5) और 27 आर्म्स एक्ट के तहत अज्ञात अपराधियों के खिलाफ दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक ने अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। घटना में प्रयुक्त हथियार और कारतूस बरामद अनुसंधान के दौरान, पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर छापेमारी कर मोहम्मद वारिस को उसके घर से हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने चेकपोस्ट पर गोलीबारी करने की बात स्वीकार कर ली। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार और कारतूस बरामद किए गए। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद वारिस का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ कटकमदाग, बड़कागांव, उरीमारी और गिद्धी थानों में आर्म्स एक्ट, रंगदारी, मारपीट और जानलेवा हमले से संबंधित लगभग सात गंभीर मामले दर्ज हैं। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि इस गोलीबारी कांड में मोहम्मद वारिस के अलावा दो अन्य सदस्य भी संलिप्त हैं, जो वर्तमान में फरार चल रहे हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। हजारीबाग पुलिस ने गिद्धी सी चेकपोस्ट पर गोलीबारी करने वाले राहुल दुबे गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधी की पहचान मोहम्मद वारिस (22) के रूप में हुई है, जो पुन्दोल (चंदोल), बड़कागांव, हजारीबाग का निवासी है। पुलिस ने उसके पास से घटना में इस्तेमाल किया गया 7.62 एमएम का एक देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस जब्त किए हैं। यह घटना 2 जून 2026 को गिद्धी सी चेकपोस्ट पर हुई थी। राहुल दुबे गिरोह के दो सदस्य एक बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए और क्षेत्र में दहशत फैलाने के उद्देश्य से अंधाधुंध हवाई फायरिंग की। इस संबंध में गिद्धी थाना में 3 जून 2026 को कांड संख्या 13/26 दर्ज किया गया था। मामला बीएनएस की धारा 109(1)/3(5) और 27 आर्म्स एक्ट के तहत अज्ञात अपराधियों के खिलाफ दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक ने अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। घटना में प्रयुक्त हथियार और कारतूस बरामद अनुसंधान के दौरान, पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर छापेमारी कर मोहम्मद वारिस को उसके घर से हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने चेकपोस्ट पर गोलीबारी करने की बात स्वीकार कर ली। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार और कारतूस बरामद किए गए। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद वारिस का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ कटकमदाग, बड़कागांव, उरीमारी और गिद्धी थानों में आर्म्स एक्ट, रंगदारी, मारपीट और जानलेवा हमले से संबंधित लगभग सात गंभीर मामले दर्ज हैं। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि इस गोलीबारी कांड में मोहम्मद वारिस के अलावा दो अन्य सदस्य भी संलिप्त हैं, जो वर्तमान में फरार चल रहे हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।


