मधेपुरा में 2.54 एकड़ में बन रहा मॉडल डंपिंग जोन:3 महीने में शुरू होगा साइंटिफिक वेस्ट मैनेजमेंट, 35 प्रतिशत काम पूरा

मधेपुरा में 2.54 एकड़ में बन रहा मॉडल डंपिंग जोन:3 महीने में शुरू होगा साइंटिफिक वेस्ट मैनेजमेंट, 35 प्रतिशत काम पूरा

मधेपुरा नगर परिषद क्षेत्र में कचरा प्रबंधन की वर्षों पुरानी समस्या का जल्द समाधान होने की उम्मीद है। शहर में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन व्यवस्था अगले तीन माह में शुरू हो जाएगी। इसके लिए भदौल बुधमा में करीब 2 एकड़ 54 डिसमिल भूमि पर एक मॉडल डंपिंग जोन का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाना है। नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी तान्या कुमारी ने बताया कि डंपिंग जोन का निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। लगभग 35 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। लगभग 1 करोड़ 54 लाख रुपये खर्च किए जा रहे परियोजना के तहत एक कंपोस्ट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है, जिस पर लगभग 1 करोड़ 54 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस प्लांट में जैविक कचरे से खाद तैयार की जाएगी, जिससे कचरे का उपयोगी संसाधन के रूप में पुनः इस्तेमाल संभव हो सकेगा। इसके अतिरिक्त मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) का भी निर्माण किया जा रहा है, जिसकी लागत लगभग 2.74 करोड़ रुपये आएगी। एमआरएफ में प्लास्टिक, कागज, धातु और अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग करके उनका पुनः उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। इससे न केवल कचरे की मात्रा में कमी आएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। तीन महीनों के भीतर इसे पूरा कर लिया जाएगा नगर परिषद के अनुसार निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। अगले तीन महीनों के भीतर इसे पूरा कर लिया जाएगा। परियोजना के चालू होने के बाद शहर से प्रतिदिन निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण, छंटाई और निस्तारण किया जाएगा। इससे खुले में कचरा फेंकने और सड़क किनारे कचरे के ढेर लगने की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण मिल सकेगा। वर्तमान में मतनाजा में सड़क किनारे कचरा फेंका जाता है, जिसके कारण बदबू से लोगों को काफी परेशानी होती है। नगर परिषद का मानना है कि मॉडल डंपिंग जोन शुरू होने से स्वच्छता व्यवस्था में व्यापक सुधार होगा। साथ ही शहरवासियों को साफ-सुथरा वातावरण मिलेगा और मधेपुरा को स्वच्छ एवं सुंदर शहर बनाने के लक्ष्य को भी नई गति मिलेगी। मधेपुरा नगर परिषद क्षेत्र में कचरा प्रबंधन की वर्षों पुरानी समस्या का जल्द समाधान होने की उम्मीद है। शहर में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन व्यवस्था अगले तीन माह में शुरू हो जाएगी। इसके लिए भदौल बुधमा में करीब 2 एकड़ 54 डिसमिल भूमि पर एक मॉडल डंपिंग जोन का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाना है। नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी तान्या कुमारी ने बताया कि डंपिंग जोन का निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। लगभग 35 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। लगभग 1 करोड़ 54 लाख रुपये खर्च किए जा रहे परियोजना के तहत एक कंपोस्ट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है, जिस पर लगभग 1 करोड़ 54 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस प्लांट में जैविक कचरे से खाद तैयार की जाएगी, जिससे कचरे का उपयोगी संसाधन के रूप में पुनः इस्तेमाल संभव हो सकेगा। इसके अतिरिक्त मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) का भी निर्माण किया जा रहा है, जिसकी लागत लगभग 2.74 करोड़ रुपये आएगी। एमआरएफ में प्लास्टिक, कागज, धातु और अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग करके उनका पुनः उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। इससे न केवल कचरे की मात्रा में कमी आएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। तीन महीनों के भीतर इसे पूरा कर लिया जाएगा नगर परिषद के अनुसार निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। अगले तीन महीनों के भीतर इसे पूरा कर लिया जाएगा। परियोजना के चालू होने के बाद शहर से प्रतिदिन निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण, छंटाई और निस्तारण किया जाएगा। इससे खुले में कचरा फेंकने और सड़क किनारे कचरे के ढेर लगने की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण मिल सकेगा। वर्तमान में मतनाजा में सड़क किनारे कचरा फेंका जाता है, जिसके कारण बदबू से लोगों को काफी परेशानी होती है। नगर परिषद का मानना है कि मॉडल डंपिंग जोन शुरू होने से स्वच्छता व्यवस्था में व्यापक सुधार होगा। साथ ही शहरवासियों को साफ-सुथरा वातावरण मिलेगा और मधेपुरा को स्वच्छ एवं सुंदर शहर बनाने के लक्ष्य को भी नई गति मिलेगी।  

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