भारत की टी-20 टीम की कप्तानी को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ आगामी श्रृंखला के लिए श्रेयस अय्यर को टीम की कमान सौंपने की घोषणा की है। इसके बाद पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने भी इस फैसले पर अपनी राय रखी है।
संजय मांजरेकर का मानना है कि भारतीय टीम के युवा बल्लेबाज शुभमन गिल के पास लंबे समय के लिए टी-20 टीम की कप्तानी संभालने के अधिक मजबूत क्रिकेटीय बेस थे। हालांकि, उनके अनुसार टीम संयोजन की परिस्थितियों ने गिल के रास्ते में बाधा खड़ी कर दी और यही वजह रही कि चयनकर्ताओं ने श्रेयस अय्यर को कप्तानी की जिम्मेदारी देने का फैसला किया है।
बता दें कि टी-20 विश्व कप जीतने के कुछ महीनों बाद ही सूर्यकुमार यादव के कप्तानी कार्यकाल का अंत हो गया और अब भारतीय क्रिकेट एक नए नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में कप्तान चयन को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं।
एक खेल प्रसारण कार्यक्रम में बातचीत के दौरान मांजरेकर ने कहा कि जब किसी खिलाड़ी को कप्तान या उपकप्तान बनाया जाता है तो यह भी सुनिश्चित होना चाहिए कि उसकी टीम में जगह पूरी तरह तय हो। उनके अनुसार शुभमन गिल इस भूमिका के लिए बेहतर विकल्प हो सकते थे क्योंकि उनमें लंबे समय तक टीम का लीड करने की क्षमता दिखाई देती है।
मौजूद जानकारी के अनुसार मांजरेकर का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारतीय टीम को अपने अधिकांश टी-20 मुकाबले विदेशी परिस्थितियों में खेलने हैं। गौरतलब है कि अगला टी-20 विश्व कप ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में आयोजित होना है। ऐसे में उनके मुताबिक शुभमन गिल इस चुनौती को संभालने के लिए बेहतर रूप से तैयार दिखाई देते हैं।
हालांकि मांजरेकर ने यह भी स्वीकार किया कि गिल की बल्लेबाजी स्थिति ही उनके लिए मुश्किल का कारण बन गई। भारतीय टीम में शीर्ष क्रम के लिए पहले से कई विकल्प मौजूद हैं। इसके अलावा युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के उभरने से प्रतिस्पर्धा और बढ़ गई है। ऐसे में चयनकर्ताओं के लिए गिल को हर मुकाबले में अंतिम एकादश में शामिल करना आसान नहीं था।
मांजरेकर का कहना है कि चयनकर्ताओं ने ऐसे कप्तान को चुना है जिसकी टीम में जगह अधिक संतुलित तरीके से फिट बैठती है। श्रेयस अय्यर मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते हैं और टीम की जरूरतों के हिसाब से उनकी भूमिका स्पष्ट दिखाई देती है। यही कारण रहा कि कप्तानी की दौड़ में उन्हें बढ़त मिली है।
दूसरी ओर मांजरेकर ने श्रेयस अय्यर की वापसी की भी जमकर सराहना की है। गौरतलब है कि वर्ष 2024 में उन्हें घरेलू क्रिकेट को लेकर उठे सवालों के बीच भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के केंद्रीय अनुबंध से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद अय्यर ने घरेलू क्रिकेट, इंडियन प्रीमियर लीग और भारतीय टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन कर खुद को फिर से साबित किया है।
मांजरेकर ने कहा कि श्रेयस अय्यर के पास प्रदर्शन, आंकड़े और नेतृत्व का अनुभव तीनों मौजूद हैं। उन्होंने कठिन परिस्थितियों से बाहर निकलकर शानदार वापसी की है और यही कारण है कि चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा जताया है।


