विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दुर्गा महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), इको क्लब और माय भारत के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान स्वयंसेवकों और बाल आश्रम के विद्यार्थियों ने फूलों, फलों और सब्जियों के बीजों से सीड बॉल तैयार कर स्कूल, कॉलेज और अन्य स्थानों पर उनका वितरण किया। कार्यक्रम में एनएसएस की कार्यक्रम अधिकारी सुनीता चंसोरिया और माय भारत के अर्पित तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। महाविद्यालय में ‘हरित भविष्य की ओर’ विषय पर परिचर्चा का आयोजन भी किया गया। प्राचार्य डॉ. प्रतिभा मुखर्जी साहू ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण आवश्यक है। उन्होंने 15 जून के बाद बड़े पैमाने पर पौधे लगाने का आह्वान करते हुए कहा कि पेड़ प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम कर कपड़े और जूट के बैग अपनाने की अपील की। सप्ताह में एक दिन साइकिल चलाना लाभदायक कार्यक्रम अधिकारी सुनीता चंसोरिया ने कहा कि जल संरक्षण, सिंगल यूज प्लास्टिक का कम उपयोग, सप्ताह में एक दिन साइकिल चलाना और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन को रोकना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर और ‘मिशन लाइफ’ के सिद्धांतों को अपनाकर जलवायु संकट की चुनौती का प्रभावी मुकाबला किया जा सकता है। प्लास्टिक के कम से कम इस्तेमाल का संकल्प इको क्लब की अध्यक्ष डॉ. पूर्णिमा शुक्ला ने कहा कि बदलती जीवनशैली के कारण ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन, बाढ़, सूखा और प्रदूषण जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। विद्यार्थियों ने भी पर्यावरण संरक्षण पर अपने विचार साझा किए और प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने जल संरक्षण, पौधारोपण, सार्वजनिक परिवहन व साइकिल के उपयोग तथा प्लास्टिक के कम से कम इस्तेमाल का संकल्प लिया।


