बाराबंकी में राज्य कर विभाग खंड-4 द्वारा एक व्यापारी संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान व्यापारियों को जीएसटी-2.0 के नए प्रावधानों, ई-इन्वॉइसिंग, इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) और कर अनुपालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों को नए कर नियमों के प्रति जागरूक करना और उनकी समस्याओं का समाधान करना था। कार्यक्रम में एक जिलाध्यक्ष ने व्यापारियों के हित में कई अहम सुझाव दिए। उन्होंने मांग की कि मौजूदा व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना को जीवन बीमा योजना में बदला जाए और बीमा राशि बढ़ाकर 25 लाख रुपये की जाए। उनका तर्क था कि जो व्यापारी जीवनभर सरकार को कर का भुगतान करता है, उसे बेहतर सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सुझाव दिया कि यदि कोई व्यापारी नया उद्योग या परियोजना स्थापित करता है, तो उसे शुरुआती निर्माण और निवेश चरण में जीएसटी में विशेष छूट दी जानी चाहिए। इससे औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। इस अवसर पर, बेहतर कर अनुपालन करने वाली महिला एवं युवा उद्यमियों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। विभागीय अधिकारियों ने व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं को ध्यान से सुना और उनके समाधान का आश्वासन दिया। व्यापारियों ने राज्य कर विभाग की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे संवाद कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित होने चाहिए, ताकि व्यापारियों और विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके। कार्यक्रम में आदर्श व्यापार मंडल के पदाधिकारी और सदस्य सहित अनेक व्यापारी मौजूद रहे।


