बैतूल में शाहपुर पुलिस ने एक हनी ट्रैप गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने फेसबुक पर दोस्ती कर बिजली विभाग के कर्मचारी को मिलने बुलाया और उसके मोबाइल से 75 हजार रुपये ठग लिए। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, चिचोली थाना क्षेत्र के ग्राम कोहकाढाना निवासी 35 वर्षीय राजेश उइके बिजली विभाग में कर्मचारी है। ने 23 मई को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि अज्ञात लोगों ने उन्हें हनी ट्रैप में फंसाकर उनके बैंक खाते से 75 हजार रुपये निकाल लिए हैं। जांच में सामने आया कि राजेश उइके को फेसबुक पर ‘आश्वती भलावी’ नाम की आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली थी। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और 2 मई को महिला ने उन्हें भौंरा में मिलने बुलाया। जब राजेश भौंरा पहुंचे, तो वहां पहले से मौजूद कुछ युवकों ने खुद को महिला के भाई और परिचित बताकर उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने युवक को डराया-धमकाया और महिला से हुई चैट डिलीट कराने के बहाने उनका मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद, आरोपियों ने मोबाइल में मौजूद बैंकिंग और डिजिटल भुगतान ऐप का इस्तेमाल किया। उन्होंने पेटीएम और फोन-पे के माध्यम से राजेश के खाते से 75 हजार रुपये अन्य खातों में ट्रांसफर कर लिए। शिकायत मिलने के बाद शाहपुर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर जांच शुरू की। पुलिस ने इस मामले में पंकज खातरकर (निवासी बांसबोड़ी, हाल इंदौर), मोनू रजक (निवासी गुना) और यश सोलंकी (निवासी इंदौर) को गिरफ्तार किया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। एसपी वीरेंद्र जैन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अज्ञात व्यक्तियों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने और उन पर भरोसा करने से बचें। उन्होंने यह भी सलाह दी कि किसी भी अपरिचित व्यक्ति के बुलावे पर सुनसान स्थान पर न जाएं और अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।


