हाथरस जिले के टीकरी कलां गांव के तीन सगे भाइयों के साथ नदरई हजारा नहर में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। शनिवार को नहाने गए तीन भाइयों में से दो के शव रविवार को बरामद कर लिए गए, जबकि तीसरे की तलाश देर शाम तक जारी रही। जानकारी के अनुसार हरेंद्र उर्फ छोटू, अजय और जयप्रकाश अपने मित्र सुमित के साथ दो बाइकों से नदरई हजारा नहर पहुंचे थे। नहाने के दौरान तीनों भाई गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव में फंसकर डूबने लगे। सुमित ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहा और किसी तरह बाहर निकलकर ग्रामीणों को सूचना दी। रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन सूचना मिलने पर पुलिस, गोताखोर और पीएसी की फ्लड यूनिट ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। पूरी रात चले सर्च ऑपरेशन के बाद रविवार सुबह रेलवे पुल के नीचे से दो भाइयों के शव बरामद किए गए। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तीसरे युवक की तलाश अभी भी जारी है। यह हादसा परिवार के लिए और भी दुखद इसलिए है क्योंकि पहले ही कई पारिवारिक त्रासदियां झेल चुका यह परिवार अब एक और बड़ी क्षति से गुजर रहा है। लगभग दो वर्ष पहले बड़े भाई विकास की सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी थी। वहीं पिता डालचंद का निधन करीब 20 वर्ष पूर्व हो गया था। हरेंद्र की शादी इसी वर्ष फरवरी में हुई थी, अजय विवाहित था, जबकि सबसे छोटे जयप्रकाश की पत्नी गर्भवती है। परिवार में जल्द ही नए सदस्य के आगमन की खुशियां थीं, जो अब शोक में बदल गई हैं। मां पर टूटा दुखों का पहाड़, गांव में मातम 70 वर्षीय मां कमलेश देवी इस घटना से पूरी तरह टूट गई हैं। परिवार का एकमात्र सहारा बड़े भाई शीलेंद्र हैं, जो पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और ग्रामीण शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नहरों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।


