राज्य सभा जाने के लिए छगन भुजबल और नवनीत राणा ने झोंकी ताकत, सुनेत्रा पवार ने दे दिया बड़ा हिंट

राज्य सभा जाने के लिए छगन भुजबल और नवनीत राणा ने झोंकी ताकत, सुनेत्रा पवार ने दे दिया बड़ा हिंट

महाराष्ट्र की राजनीति में राज्यसभा की एक सीट को लेकर हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के इस्तीफे से खाली हुई राज्यसभा सीट पर उम्मीदवार तय करने के लिए शनिवार को पार्टी नेतृत्व ने लगातार तीन बैठकें कीं। इस सीट के लिए एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल, दिलीप वलसे पाटिल और भाजपा नेता व पूर्व सांसद नवनीत राणा के नाम चर्चा में हैं।

प्रफुल्ल पटेल के घर हुई पहली बैठक, फिर फडणवीस और भुजबल से चर्चा

रिपोर्ट्स के अनुसार, सबसे पहली बैठक एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल के आवास पर करीब दो घंटे तक चली। इस बैठक में पार्थ पवार और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे भी मौजूद थे। इसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ चर्चा हुई और फिर छगन भुजबल के निवास पर एक और बैठक की गई।

इन बैठकों के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि पार्टी उम्मीदवार के चयन को लेकर जोरदार मंथन कर रही है और अंतिम फैसला एक-दो दिन में लिया जा सकता है।

छगन भुजबल ने रखी बड़ी शर्त?

राज्यसभा जाने के इच्छुक माने जा रहे छगन भुजबल ने अपनी उम्मीदवारी को लेकर एक शर्त रखी है। बताया जा रहा है कि भुजबल ने अपने भतीजे समीर भुजबल को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल करने की मांग की है।

बताया जा रहा है कि चर्चा के दौरान छगन भुजबल ने यह मुद्दा उठाया कि पवार परिवार और तटकरे परिवार के दो-दो सदस्य सरकार में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, तो उनके परिवार को भी समान अवसर मिलना चाहिए। हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कथित तौर पर भुजबल की इस मांग को खारिज कर दिया है। इसकी वजह समीर भुजबल के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मनी लॉन्ड्रिंग जांच को बताया जा रहा है।

नवनीत राणा की एंट्री से बढ़ा सस्पेंस

राज्यसभा सीट को लेकर पूर्व सांसद नवनीत राणा भी सक्रिय दिखाई दे रहीं हैं। जानकारी के मुताबिक, उन्होंने हाल ही में सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार से मुलाकात कर अपनी दावेदारी पेश की। इस बीच वह मुख्यमंत्री फडणवीस से भी मुलाकात कर इस विषय पर चर्चा कर चुकी हैं।

हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि नवनीत राणा एनसीपी में औपचारिक रूप से शामिल होने की इच्छुक नहीं हैं और वह एनसीपी के समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ना चाहती हैं। जबकि एनसीपी इसके लिए तैयार नहीं है।

NCP की धर्मनिरपेक्ष छवि, राणा कट्टर हिंदुत्ववादी

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नवनीत राणा की उम्मीदवारी एनसीपी के लिए आसान फैसला नहीं होगी। 2019 में अमरावती लोकसभा सीट निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीतने वाली राणा को कांग्रेस और अविभाजित एनसीपी का समर्थन मिला था। लेकिन बाद के वर्षों में उन्होंने भाजपा को खुला समर्थन दिया और खुद को एक मुखर हिंदुत्ववादी नेता के रूप में स्थापित किया।

दिलीप वलसे पाटिल और प्रमोद हिंदूराव भी रेस में

छगन भुजबल और दिलीप वलसे पाटिल के अलावा पार्टी नेतृत्व प्रमोद हिंदुराव के नाम पर भी विचार कर रहा है। हिंदुराव को दिवंगत अजित पवार के करीबी सहयोगियों में गिना जाता रहा है।

जल्द होगा उम्मीदवार का ऐलान- सुनेत्रा पवार

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने बारामती में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि पार्टी अपनी आंतरिक प्रक्रिया के तहत सभी नामों पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल में उम्मीदवार तय करने से पहले सभी संभावित नामों पर चर्चा की जाती है। फिलहाल कई नाम सामने आ रहे हैं और उन पर विचार-विमर्श चल रहा है। छगन भुजबल का नाम अंतिम सूची में है या नहीं, इस पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। हालांकि राज्यसभा उम्मीदवार के नाम की घोषणा जल्द की जाएगी।

यह सीट एनसीपी की ही रहेगी- तटकरे

इस बीच एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने महायुति के अन्य सहयोगी दलों द्वारा सीट पर दावा किए जाने की अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह सीट एनसीपी के कोटे की है और इस पर किसी तरह का भ्रम नहीं है। एनसीपी का ही उम्मीदवार नामांकन दाखिल करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *