दरभंगा के केवटी थाना क्षेत्र में पिस्टल के बल पर रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान असराहा गांव निवासी मो. फरहान और मो. फराज उर्फ गोरे के रूप में हुई है। दोनों मो राजा उर्फ अजहर हुसैन के बेटे है। चाय दुकानदार से मांगी जा रही थी रंगदारी केवटी थानाध्यक्ष सदन राम ने बताया कि दुधिया गांव निवासी पंकज यादव ने थाने में लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदन में आरोप लगाया गया था कि दोनों आरोपी खिरमा-असराहा रोड स्थित एक निजी अस्पताल के पास उनकी चाय दुकान पर पहुंचकर पिस्टल के बल पर अवैध लेवी की मांग कर रहे थे। साथ ही रंगदारी नहीं देने पर दुकान बंद कराने और जान से मारने की धमकी भी दी जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी। पीड़ित के बयान और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया। गुप्त सूचना पर घर से दबोचे गए आरोपी पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि दोनों आरोपी अपने घर पर मौजूद हैं। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष सदन राम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने असराहा गांव में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान दोनों आरोपियों को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। आज दोनों आरोपियों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, केवटी में मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश करने के लिए भेज दिया गया। न्यायालय के आदेश पर दोनों को जेल में भेज दिया गया। अपराधियों के खिलाफ जारी रहेगी सख्त कार्रवाई थानाध्यक्ष सदन राम ने कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। व्यापारियों, दुकानदारों और आम नागरिकों को डराने-धमकाने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने या हथियार के बल पर रंगदारी वसूलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। व्यापारियों ने की पुलिस कार्रवाई की सराहना पुलिस की त्वरित कार्रवाई से स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों में राहत का माहौल है। लोगों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से अपराधियों के मनोबल पर अंकुश लगेगा और व्यवसायियों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी। वहीं पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दरभंगा के केवटी थाना क्षेत्र में पिस्टल के बल पर रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान असराहा गांव निवासी मो. फरहान और मो. फराज उर्फ गोरे के रूप में हुई है। दोनों मो राजा उर्फ अजहर हुसैन के बेटे है। चाय दुकानदार से मांगी जा रही थी रंगदारी केवटी थानाध्यक्ष सदन राम ने बताया कि दुधिया गांव निवासी पंकज यादव ने थाने में लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदन में आरोप लगाया गया था कि दोनों आरोपी खिरमा-असराहा रोड स्थित एक निजी अस्पताल के पास उनकी चाय दुकान पर पहुंचकर पिस्टल के बल पर अवैध लेवी की मांग कर रहे थे। साथ ही रंगदारी नहीं देने पर दुकान बंद कराने और जान से मारने की धमकी भी दी जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी। पीड़ित के बयान और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया। गुप्त सूचना पर घर से दबोचे गए आरोपी पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि दोनों आरोपी अपने घर पर मौजूद हैं। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष सदन राम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने असराहा गांव में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान दोनों आरोपियों को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। आज दोनों आरोपियों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, केवटी में मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश करने के लिए भेज दिया गया। न्यायालय के आदेश पर दोनों को जेल में भेज दिया गया। अपराधियों के खिलाफ जारी रहेगी सख्त कार्रवाई थानाध्यक्ष सदन राम ने कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। व्यापारियों, दुकानदारों और आम नागरिकों को डराने-धमकाने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने या हथियार के बल पर रंगदारी वसूलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। व्यापारियों ने की पुलिस कार्रवाई की सराहना पुलिस की त्वरित कार्रवाई से स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों में राहत का माहौल है। लोगों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से अपराधियों के मनोबल पर अंकुश लगेगा और व्यवसायियों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी। वहीं पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


