विस्फोट कांड: पूर्व विधायक शौकत है मुख्य साजिशकर्ता: एनआईए

विस्फोट कांड: पूर्व विधायक शौकत है मुख्य साजिशकर्ता: एनआईए

प्रदर्शनकारियों ने मोल्ला के विरुद्ध नारे लगाए और फांसी सहित कठोरतम सजा, यहां तक कि मृत्युदंड की भी मांग की। एक प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि स्थानीय निवासियों को वर्षों से मोल्ला से जुड़े व्यक्तियों द्वारा डराया-धमकाया जा रहा था। 

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को दावा किया कि शौकत मोल्ला भांगड़ इलाके में विस्फोट मामले का मुख्य षड्यंत्रकारी है। एजेंसी ने दोपहर आरोपी को कोर्ट में पेश कर बताया कि जांच के लिए एक पेन ड्राइव और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। जबकि शौकत के वकील सुमन दास ने दावा किया कि उनके मुवक्किल का विस्फोट कांड से कोई संबंध नहीं है। घटना के समय वह घटनास्थल से 40 किलोमीटर दूर अपने काम में व्यस्त थे और उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है।

कोर्ट ने आरोपी को 19 जून तक एनआईए की हिरासत में भेजा

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद शौकत को 19 जून तक एजेंसी की हिरासत में भेजने का निर्णय किया। अदालत से बाहर निकलते समय शौकत ने खुद को निर्दोष बताया। अदालत परिसर के बाहर शनिवार को विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने मोल्ला के विरुद्ध नारे लगाए और फांसी सहित कठोरतम सजा, यहां तक कि मृत्युदंड की भी मांग की। एक प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि स्थानीय निवासियों को वर्षों से मोल्ला से जुड़े व्यक्तियों द्वारा डराया-धमकाया जा रहा था। मोल्ला को दक्षिण 24 परगना जिले से शुक्रवार देर रात गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि वह लंबे समय से फरार था और लगातार उसकी तलाश की जा रही थी। यह गिरफ्तारी उस मामले में की गई है जिसमें विधानसभा चुनाव से पहले भांगड़ इलाके में देसी बम निर्माण के दौरान विस्फोट हुआ था। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। एजेंसी के अनुसार, उसने अन्य आरोपितों को बम बनाने के लिए निर्देश दिए थे और विस्फोट के बाद घटनास्थल को प्रभावित करने यानी सबूतों को नष्ट करने या बदलने के निर्देश भी दिए थे।

भांगड़ इलाके में विस्फोट मामले में चौथी गिरफ्तारी

एनआईए ने यह भी बताया कि यह इस मामले में चौथी गिरफ्तारी है। इससे पहले तीन आरोपितों को पकड़ा जा चुका है। हाल ही में एक अन्य आरोपित को भी गिरफ्तार किया गया था, जिसने विस्फोट के बाद मृतक और घायलों को अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से ले जाने में मदद की थी। एजेंसी के अनुसार, सभी गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ जारी है ताकि इस घटना से जुड़ी संभावित बड़ी साजिश और नेटवर्क का पता लगाया जा सके। यह मामला गृह मंत्रालय के आदेश पर एनआईए द्वारा राज्य पुलिस से अपने हाथ में लेने के बाद आगे बढ़ाया गया था। केनिंग पूर्व सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके मोल्ला ने 2016 तथा 2021 में चुनाव जीता था। हाल में पश्चिम बंगाल सरकार ने उनकी सुरक्षा वापस ले ली थी।

बेटे का कैफे जांच के दायरे में

कैनिंग स्थित मौखाली में मातला नदी किनारे कथित रूप से अवैध रूप से निर्मित अरण्येर कूले नामक कैफे प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गया है। कैनिंग उप-मंडलीय प्रशासन ने शौकत मोल्ला के बेटे इमरान मोल्ला को नोटिस जारी किया है। उन्हें 18 जून को एसडीओ कार्यालय में सुनवाई के लिए बुलाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इमरान मोल्ला को भूमि स्वामित्व और निर्माण अनुमति सहित सभी संबंधित दस्तावेजों के साथ कैनिंग उप-मंडलीय अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने निर्णय किया है कि कैफे संरचना की वैधता और नदी किनारे की भूमि के उपयोग का निर्धारण करने के लिए सुनवाई के दौरान सभी अभिलेखों की जांच की जाएगी। वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं, तो संरचना को ध्वस्त करने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं। आरोप है कि कैनिंग 1 और कैनिंग 2 ब्लॉक को जोड़ने वाले मौखाली पुल के पास मैंग्रोव क्षेत्रों को इसके निर्माण के लिए साफ किया गया था। इसमें बड़े निवेश के दावे किए गए हैं।

  

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