सिरसा के गांव सुचान में जमीन पर कब्जे का मामला गर्मा गया है। इसे लेकर ग्रामीणों की ओर से सीएम विंडो पर शिकायत की गई है। इस पर सीएम विंडो कमेटी ने संज्ञान लिया है और 8 मई सोमवार को गांव में मीटिंग बुलाई है। पंचायत विभाग के अफसरों ने शिकायतकर्ता, सरपंच और कब्जा करने के आरोप पक्ष को भी जांच में शामिल होने के लिए बुलाया है। उनसे हर पहलू पर जानकारी ली जाएगी और जमीन से जुड़े जरूरी दस्तावेज मांगे गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कब्जाधारी ने उनको प्लॉट बेचते समय रास्ता देने को कहा था। मगर अब वह रास्ता देने से मना कर रहा है और उस जमीन से आने-जाने भी नहीं देता। घरों के आगे से रेलवे लाइन गुजरती है और पीछे ये जमीन है। लोगों के आने-जाने के लिए रास्ता नहीं बचा है। घरों के पीछे की ओर से करीब पांच से साढ़े 5 एकड़ जमीन है, जिस पर कब्जा किया हुआ है। जानकारी के अनुसार, सुचान गांव में सिरसा शहर की ओर से जमीन है। ग्रामीणों की मांग है कि उनको आने-आने के लिए रास्ता दिया जाए। उनकी किसी से रंजिश नहीं है और न ही किसी से लड़ाई है। प्रशासन से मांग है कि इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए छुड़वाया जाए या उनको रास्ता दिलाया जाए। करीब 100 से ज्यादा घर है और लोग रास्त न मिलने के कारण परेशान है। जमीन में प्लॉट काटकर बेचे ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के व्यक्ति ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है। इसी जमीन में से ही प्लॉट काटकर बेच दिए गए और उनको आश्वासन दिया गया कि प्लॉट लेने के बाद यहां से 14-15 फुट का रास्ता दे दिया जाएगा। मगर कुछ दिन के बाद उनका रास्ता बंद कर दिया गया और अब उनका इस जमीन से आना-जाना बंद कर दिया है। इस जमीन में कब्जाधारी ने फसल उगा रखी है। उनके घर के एक तरफ रेलवे लाइन औ वहां रेलवे ने दीवार बना दी है और दूसरी ओर ये जमीन है। अब जमीन खाली है और यहां भी आना-जाना बंद कर दिया है। दीवार के ऊपर से होकर आना-जाना पड़ता है। आरोप-पंचायत की मिलीभगत ग्रामीण संजय कुमार का आरोप है कि ये जमीन गांव सुचान की पंचायत के अंतर्गत आती है। इसके लिए पटवारी से जमाबंदी निकलवाई है, जिसमें किसी के नाम नहीं मिली है। पंचायत की ही ये जगह है। मगर पंचायत इसे मान नहीं रही और अपना पल्ला झाड़ रही है। इसमें पंचायत की मिलीभगत का आरोप लगाया है। सरपंच बोले, 8 को जांच में बुलाया मामले में गांव सुचान के सरपंच प्रतिनिधि रोहताश का कहना है कि इस बारे में सीएम विंडो लगी हुई है और 8 तारीख को सभी को जांच में बुलाया गया है। ये जमीन पंचायत की जमाबंदी में नहीं है और पंचायत की जमाबंदी अलग होती है। यह जमीन पंचायत विभाग या रेलवे के अधीन है। अगर पंचायत के अधीन होगी तो उसे कब्जे में लिया जाएगा।


