बलिया की बांसडीह विधायक केतकी सिंह ने कन्नौज में शंकराचार्य के चौराहे पर विश्राम और उससे जुड़े बयान को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के ट्वीट पर भी पलटवार किया। शंकराचार्य से जुड़े मामले पर विधायक केतकी सिंह ने कहा कि वे हमारे शंकराचार्य हैं, इसलिए वह उन पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहतीं। हालांकि उन्होंने कहा कि स्वामी जी की यात्रा कई महीनों से चल रही है और यह बलिया समेत कई जिलों से होकर गुजरी है, लेकिन कहीं भी उन्हें रोका या टोका नहीं गया और न ही उनकी यात्रा को लेकर कोई दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि जब शंकराचार्य कन्नौज पहुंचते हैं, तभी उन्हें रोकने की बात उठती है, जो उनके अनुसार हास्यास्पद है। विधायक ने शंकराचार्य के पद की गरिमा पर जोर देते हुए कहा कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था उनसे जुड़ी है और इसे बनाए रखना सभी का कर्तव्य है। केतकी सिंह ने कहा कि देश और प्रदेश में एक हिंदूवादी सरकार कार्य कर रही है, जो संस्कृति और धर्म के संरक्षण व विस्तार के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कहीं न कहीं गलतफहमी पैदा हुई है। अखिलेश यादव के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का पतन ऐसे रास्ते पर चला गया है, जहां से वापसी मुश्किल है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग लखनऊ से अयोध्या तक 45 मिनट की दूरी तय कर रामलला के दर्शन नहीं कर पा रहे, वे जब संत और धर्म की बात करते हैं तो उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठता है। अंत में उन्होंने कहा कि इसका जवाब इंडी गठबंधन को हर बार, हर चुनाव और हर जगह मिल रहा है और आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में भी मिलेगा।


