कटिहार जिले में दो गंभीर मामलों ने सनसनी फैला दी है। एक मामले में आदिवासी परिवार की पुश्तैनी जमीन धोखे से रजिस्ट्री कराने का आरोप है, जबकि दूसरे में SC/ST एक्ट की वादी महिला को केस वापस लेने के लिए जान से मारने की धमकी मिली है। दोनों घटनाओं ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। पहला मामला मनसाही थाना क्षेत्र के कोआबाड़ी गांव का है। यहां के निवासी अर्जुन मरांडी ने आरोप लगाया है कि उनकी पुश्तैनी खतियानी जमीन की रजिस्ट्री धोखे से करा ली गई। जमीन गैर-आदिवासी को बेचना प्रतिबंधित अर्जुन की पत्नी के अनुसार, उन्हें दूसरी जमीन दिलाने का झांसा देकर निबंधन कार्यालय ले जाया गया। वहां कागजात पर अंगूठा लगवाकर उनकी कीमती जमीन बेच दी गई। पीड़ित परिवार का दावा है कि रजिस्ट्री के एवज में उन्हें एक रुपया भी नहीं मिला। इस मामले के सामने आने के बाद आदिवासी विकास परिषद ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है। परिषद ने निष्पक्ष जांच होने तक उक्त जमीन के नामांतरण और दाखिल-खारिज पर तत्काल रोक लगाने की अपील की है। परिषद ने यह भी बताया कि CNT एक्ट के तहत आदिवासियों की जमीन गैर-आदिवासी को बेचना प्रतिबंधित है। आवेदन देकर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई दूसरा मामला SC/ST थाना कांड संख्या 08/26 से संबंधित है। इस कांड की वादी महिला ने कटिहार पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है। महिला का आरोप है कि केस दर्ज होने के बाद से आरोपी पक्ष लगातार उस पर दबाव बना रहा है। वादी ने बताया कि कुछ दिन पहले आरोपियों ने उसके माता-पिता के साथ घर में घुसकर मारपीट की और धमकी दी कि अगर मुकदमा वापस नहीं लिया तो पूरे परिवार को जान से मार देंगे। पीड़िता ने एसपी से परिवार की सुरक्षा और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। मनसाही मामले में अंचलाधिकारी (CO) ने बताया कि उन्हें आवेदन प्राप्त हुआ है। कागजात की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने कहा कि यदि धोखाधड़ी पाई जाती है, तो प्राथमिकी दर्ज कर रजिस्ट्री रद्द करने की अनुशंसा की जाएगी। कटिहार जिले में दो गंभीर मामलों ने सनसनी फैला दी है। एक मामले में आदिवासी परिवार की पुश्तैनी जमीन धोखे से रजिस्ट्री कराने का आरोप है, जबकि दूसरे में SC/ST एक्ट की वादी महिला को केस वापस लेने के लिए जान से मारने की धमकी मिली है। दोनों घटनाओं ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। पहला मामला मनसाही थाना क्षेत्र के कोआबाड़ी गांव का है। यहां के निवासी अर्जुन मरांडी ने आरोप लगाया है कि उनकी पुश्तैनी खतियानी जमीन की रजिस्ट्री धोखे से करा ली गई। जमीन गैर-आदिवासी को बेचना प्रतिबंधित अर्जुन की पत्नी के अनुसार, उन्हें दूसरी जमीन दिलाने का झांसा देकर निबंधन कार्यालय ले जाया गया। वहां कागजात पर अंगूठा लगवाकर उनकी कीमती जमीन बेच दी गई। पीड़ित परिवार का दावा है कि रजिस्ट्री के एवज में उन्हें एक रुपया भी नहीं मिला। इस मामले के सामने आने के बाद आदिवासी विकास परिषद ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है। परिषद ने निष्पक्ष जांच होने तक उक्त जमीन के नामांतरण और दाखिल-खारिज पर तत्काल रोक लगाने की अपील की है। परिषद ने यह भी बताया कि CNT एक्ट के तहत आदिवासियों की जमीन गैर-आदिवासी को बेचना प्रतिबंधित है। आवेदन देकर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई दूसरा मामला SC/ST थाना कांड संख्या 08/26 से संबंधित है। इस कांड की वादी महिला ने कटिहार पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है। महिला का आरोप है कि केस दर्ज होने के बाद से आरोपी पक्ष लगातार उस पर दबाव बना रहा है। वादी ने बताया कि कुछ दिन पहले आरोपियों ने उसके माता-पिता के साथ घर में घुसकर मारपीट की और धमकी दी कि अगर मुकदमा वापस नहीं लिया तो पूरे परिवार को जान से मार देंगे। पीड़िता ने एसपी से परिवार की सुरक्षा और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। मनसाही मामले में अंचलाधिकारी (CO) ने बताया कि उन्हें आवेदन प्राप्त हुआ है। कागजात की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने कहा कि यदि धोखाधड़ी पाई जाती है, तो प्राथमिकी दर्ज कर रजिस्ट्री रद्द करने की अनुशंसा की जाएगी।


