डिंडौरी जिले की समनापुर जनपद पंचायत के सरई ग्राम पंचायत के दो मोहल्लों में गंभीर जल संकट गहरा गया है। लगभग 400 की आबादी वाले इन मोहल्लों के ग्रामीण पीने के पानी के लिए नदी-नालों और झिरिया पर निर्भर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच, जनपद पंचायत, पीएचई विभाग और कलेक्ट्रेट तक कई बार शिकायतें करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीण संतोष यादव ने बताया कि मोहल्ले में चार हैंडपंप लगाए गए थे, जिनमें से तीन सूख चुके हैं। एकमात्र चालू हैंडपंप से भी गंदा पानी निकल रहा है। इस कारण लोगों को गांव की पुरानी झिरिया से पानी भरना पड़ रहा है। जलस्तर कम होने के कारण रात तीन बजे से ही पानी भरने वालों की लंबी कतारें लग जाती हैं। कई बार पानी नहीं मिलने पर ग्रामीणों को एक से दो किलोमीटर दूर तक भटकना पड़ता है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि गांव में अब तक नल-जल योजना नहीं पहुंची है। ग्राम पंचायत के पास बजट नहीं ग्राम सचिव जीवन मरावी ने इस संबंध में बताया कि पंचायत स्तर पर नए बोरिंग कराने का कोई प्रावधान नहीं है और न ही जल परिवहन के लिए कोई बजट उपलब्ध है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पहले एक हैंडपंप स्वीकृत हुआ था, लेकिन उसका खनन अभी तक नहीं हो पाया है। मशीन मिलते ही नया बोर कराया जाएगा पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री अफजल अमानुल्लाह खान ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद विभागीय टीम ने गांव का निरीक्षण किया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बालाघाट से मशीन उपलब्ध होते ही नए बोर का उत्खनन कराया जाएगा। खान ने कहा कि जल्द ही ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। फिलहाल, गांव के लोग बारिश से पहले इस गंभीर जल संकट से राहत मिलने का इंतजार कर रहे हैं।


