घाटमपुर तहसील में वाहन स्टैंड को लेकर विवाद:SDM ने पुलिस बुलाकर हटवाया, बार अध्यक्ष बोले- चोरी रोकने के लिए शुरू कराया था

घाटमपुर तहसील में वाहन स्टैंड को लेकर विवाद:SDM ने पुलिस बुलाकर हटवाया, बार अध्यक्ष बोले- चोरी रोकने के लिए शुरू कराया था

कानपुर के घाटमपुर तहसील परिसर में निजी वाहन स्टैंड को लेकर शुक्रवार को विवाद खड़ा हो गया। बार अध्यक्ष द्वारा शुरू कराए गए दोपहिया वाहन स्टैंड को एसडीएम ने पुलिस बुलाकर हटवा दिया। एसडीएम का कहना है कि सरकारी भूमि पर वाहन स्टैंड संचालित करने के लिए निविदा प्रक्रिया चल रही है, जबकि बार अध्यक्ष ने वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए स्टैंड शुरू कराने की बात कही। बार अध्यक्ष शिव सिंह परमार ने बताया कि तहसील गेट के अंदर पहले भी दोपहिया वाहनों का स्टैंड संचालित होता था, लेकिन वर्तमान में स्टैंड बंद होने के कारण तहसील आने वाले लोगों के वाहन चोरी हो रहे थे। इसी वजह से उन्होंने शुक्रवार को दो लोगों को लगाकर वाहन स्टैंड शुरू कराया था। बिना निविदा संचालन पर एसडीएम ने की कार्रवाई दोपहर बाद निरीक्षण के दौरान एसडीएम अविचल प्रताप सिंह ने बिना निविदा प्रक्रिया के स्टैंड संचालित होता देखा। इसके बाद उन्होंने पुलिस को मौके पर बुलाया। थाना प्रभारी ने स्टैंड चला रहे दोनों व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया और स्टैंड हटवा दिया। एसडीएम कार्यालय में हुई बातचीत स्टैंड हटाए जाने की जानकारी मिलने पर बार अध्यक्ष ने एसडीएम से फोन पर बात की। बाद में एसडीएम कार्यालय में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। इस दौरान एसीपी कृष्णकांत भी मौके पर पहुंचे। बार अध्यक्ष ने कहा कि तहसील परिसर में स्टैंड न होने के कारण वाहन चोरी की घटनाएं हो रही थीं, इसलिए उन्होंने व्यवस्था शुरू कराई थी। निविदा के बाद ही शुरू होगा स्टैंड पुलिस ने हिरासत में लिए गए दोनों व्यक्तियों को बाद में छोड़ दिया। एसडीएम अविचल प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि सरकारी स्थल पर किसी भी वाहन स्टैंड का संचालन नियमानुसार निविदा प्रक्रिया के तहत ही किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि स्टैंड के लिए निविदा प्रक्रिया जारी है और जल्द ही विधिवत संचालन शुरू कराया जाएगा। बार अध्यक्ष ने जताई नाराजगी बार अध्यक्ष शिव सिंह परमार ने घटना पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कार्यकारिणी गठन के बाद एसडीएम के साथ उनकी यह पहली मुलाकात रही, जो पुलिस अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में हुई। उन्होंने कहा कि तहसील आने वाले लोगों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही यह व्यवस्था शुरू की गई थी।

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