कैथल के युवक ने की सिरसा की नाबालिग से शादी:करनाल में रचाई 30 साल के युवक से 16 साल की लड़की से शादी, नाबालिग अब 5 माह की गर्भवती

कैथल के युवक ने की सिरसा की नाबालिग से शादी:करनाल में रचाई 30 साल के युवक से 16 साल की लड़की से शादी, नाबालिग अब 5 माह की गर्भवती

करनाल में नाबालिग लड़की की शादी का मामला सामने आया है। बाल कल्याण समिति से मिली शिकायत के बाद जांच में खुलासा हुआ कि शादी के समय लड़की की उम्र 16 साल से थोड़ी अधिक थी, जबकि युवक की उम्र 30 साल थी। शादी के बाद नाबालिग अब 5 माह की गर्भवती है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने बाल विवाह से जुड़े प्रावधानों के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। शिकायत के आधार पर शुरू हुई जांच
यह मामला बीती 30 मार्च को दर्ज शिकायत से जुड़ा है। शिकायत बाल कल्याण समिति करनाल के माध्यम से संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी के पास पहुंची। इसके बाद मामले की जांच की गई और पूरी रिपोर्ट तैयार कर पुलिस अधीक्षक करनाल को भेजी गई। 20 जनवरी 2026 को हुई थी शादी
जांच में सामने आया कि सिरसा जिला के एक गांव की रहने वाली इस नाबालिग की शादी कैथल जिला के एक गांव में हुई थी और वर्तमान में यह करनाल की एक कालोनी में रहती है। जिसकी शादी 20 जनवरी को 30 साल के एक युवक से हुई थी। नाबालिग के सिरसा जिला के एक गांव के रहने वाले है। स्कूल रिकॉर्ड में लड़की की उम्र 16 साल
जांच के दौरान पेश किए गए स्कूल त्याग प्रमाण पत्र के अनुसार नाबालिग की जन्मतिथि 09 दिसंबर 2009 दर्ज है। इस हिसाब से शादी के दिन उसकी उम्र 16 वर्ष 1 माह 11 दिन थी। इस आधार पर उसे नाबालिग पाया गया। लड़का बालिग, उम्र 30 साल से अधिक
वहीं युवक की जन्मतिथि स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट में 27 मई 1995 दर्ज है। इसके अनुसार शादी के दिन उसकी उम्र 30 वर्ष 7 माह 24 दिन थी। वहीं आधार कार्ड और आयकर विभाग के कार्ड में उसकी जन्मतिथि 01 जनवरी 1995 है, जिससे उम्र 31 वर्ष 19 दिन बनती है। पिता ने दिए दस्तावेज और बयान
युवक के पिता ने जांच अधिकारी के सामने पेश होकर बताया कि उनके तीन बच्चे हैं-जिसमें एक लड़का और दो लड़की है। उन्होंने अपने बयान के साथ नाबालिग का स्कूल त्याग प्रमाण पत्र और युवक का आयकर विभाग का कार्ड हस्ताक्षर कर सौंपा। लड़की पांच माह की गर्भवती
जांच में यह भी सामने आया कि नाबालिग इस समय करीब 5 माह की गर्भवती है और वह अपने पति के साथ करनाल में रह रही है। पूरी जांच, दस्तावेजों और बयानों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि शादी के समय लड़की नाबालिग थी। इस आधार पर इसे बाल विवाह निषेध कानून के तहत संज्ञेय अपराध माना गया। 6 जून को दर्ज हुआ मुकदमा
थाना शहर करनाल में 6 जून को मुकदमा किया गया। केस दर्ज करने के बाद पुलिस जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच पीएसआई सुमनलता को सौंपी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *