किशनगढ़बास के सरकारी अस्पताल में RL (रिंगर लैक्टेट) ड्रिप चढ़ाने के बाद दो मरीजों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। ड्रिप लगने के कुछ मिनट बाद ही मरीजों को तेज कंपकंपी, हाथ-पैर कांपने और घबराहट की शिकायत होने लगी। बीसीएमएचओ डॉ. सतीश यादव ने बताया- तहनोली निवासी सतपाल (53) पुत्र बनारसी लाल, बिदरका निवासी फरजाना पत्नी साहिब को इलाज के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया था। दोनों मरीजों को अस्पताल की निशुल्क सरकारी सप्लाई से आई RL ड्रिप लगाई गई। ड्रिप चढ़ने के कुछ देर बाद ही दोनों मरीजों में राईगर (कंपकंपी) और अन्य रिएक्शन के लक्षण दिखाई देने लगे। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने संबंधित बैच की सभी ड्रिपों का उपयोग तत्काल बंद कर दिया। मरीजों को वैकल्पिक उपचार उपलब्ध कराया गया और उनकी स्थिति पर निगरानी रखी गई। बाद में मरीजों को छुट्टी दे दी गई। चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. अतुल गौड़ ने जिला औषधि भंडार अधिकारी, अलवर को भेजे पत्र में बताया कि अस्पताल को सप्लाई हुई RL की ड्रिप लगाने के बाद मरीजों में राईगर जैसी शिकायतें सामने आई हैं। इसके बाद बैच को संदिग्ध मानते हुए जांच की अनुशंसा की गई।
ड्रिप के सैंपल जांच के लिए भेजे है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि समस्या दवा की गुणवत्ता, भंडारण या अन्य किसी कारण से हुई।


