बीजापुर जिले में राजू पुजारी आत्महत्या मामले में डेढ़ महीने बाद भी मृतक के सुसाइड नोट में नामजद तीन आरोपियों में से दो पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि फरार आरोपियों के घर और ऑफिस पर नोटिस चस्पा किए गए हैं। यह घटना 22 अप्रैल 2026 को हुई थी। जांच के दौरान पुलिस को मृतक राजू पुजारी के कपड़ों से एक सुसाइड नोट मिला था। इस नोट में राजू पुजारी ने अपनी मौत के लिए ठेकेदार देवाशीष मंडल, सब इंजीनियर शैलेष वासम और समग्र शिक्षा विभाग के सहायक परियोजना समन्वयक छवितेश डोंगरे को जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस ने मामले में ठेकेदार देवाशीष मंडल को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। हालांकि, सब इंजीनियर शैलेष वासम और सहायक परियोजना समन्वयक छवितेश डोंगरे अभी भी फरार हैं। जानकारी के अनुसार, इन दोनों आरोपियों की दंतेवाड़ा सेशन कोर्ट में जमानत याचिका खारिज हो चुकी है और वे छत्तीसगढ़ से भाग चुके हैं। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी सूचना में बताया गया है कि दोनों आरोपियों की लगातार तलाश की जा रही है, लेकिन अभी तक उनका कोई पता नहीं चल पाया है। शनिवार को कोतवाली थाना पुलिस ने फरार आरोपी सब इंजीनियर शैलेष वासम के घर पर नोटिस चस्पा किया। इस नोटिस में उन्हें तीन दिनों के भीतर थाने में उपस्थित होने को कहा गया है, ऐसा न करने पर चल-अचल संपत्ति कुर्क करने की चेतावनी दी गई है। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में मदद करने वालों के लिए 10 हजार रुपए के इनाम की घोषणा की है। हालांकि, इस मामले में पुलिस की धीमी कार्रवाई और आरोपियों के लगातार फरार रहने पर सवाल उठ रहे हैं।


