विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लखनऊ के नेशनल पीजी कॉलेज में एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य हरियाली बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना था। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और वनस्पति विज्ञान विभाग के सहयोग से हुए इस अभियान में विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्वयंसेवकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के प्राचार्य प्रो. देवेंद्र कुमार सिंह ने पौधरोपण कर किया। उन्होंने परिसर में टिकौमा, ब्लू गुलमोहर, बेल, गुलाचीन और देशी चम्पा के पौधे लगाए। इस अवसर पर प्रो. सिंह ने कहा कि वृक्ष पृथ्वी के फेफड़े हैं और इनके बिना स्वस्थ जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के बारे में जानकारी दी वृक्षारोपण अभियान का संचालन वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. अभिजीत चैटर्जी और एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अर्चना सिंह के मार्गदर्शन में हुआ। उन्होंने छात्रों को पर्यावरणीय चुनौतियों, बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वृक्ष पर्यावरण को संतुलित रखने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य भी सुनिश्चित करते हैं। पौधे लगाकर ही प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याओं के प्रभाव को कम किया जा सकता है कार्यक्रम के दौरान एनएसएस स्वयंसेवकों और छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान समय में वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी बन चुका है। उनका मानना था कि अधिक से अधिक पौधे लगाकर ही प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याओं के प्रभाव को कम किया जा सकता है। कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस पहल का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि युवाओं में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करना भी है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने ‘पौधे लगाएँगे, जीवन बचाएँगे’ का संकल्प दोहराया। यह संदेश पूरे परिसर में आकर्षण का केंद्र बना रहा।


