कानपुर मेट्रो में बच्चों की अनोखी राइड:अंडरग्राउंड ट्रेन में पहली बार सफर कर NGO के बच्चों ने बनाई पेंटिंग; यात्रियों को बांटे पौधे

कानपुर मेट्रो में बच्चों की अनोखी राइड:अंडरग्राउंड ट्रेन में पहली बार सफर कर NGO के बच्चों ने बनाई पेंटिंग; यात्रियों को बांटे पौधे

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कानपुर मेट्रो में शनिवार को अनोखा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘मां तुझे सलाम’ एनजीओ के 5 से 12 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों ने मेट्रो यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी पेंटिंग्स और संदेशों के माध्यम से यात्रियों को जागरूक किया। कार्यक्रम में बच्चों को मेट्रो की पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों की भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह गीता नगर मेट्रो स्टेशन से हुई। मेट्रो अधिकारियों ने बच्चों का स्वागत कर उन्हें बताया कि मेट्रो परिवहन का ऐसा साधन है, जो बिना प्रदूषण फैलाए यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती है। इसके बाद बच्चों को गीता नगर से बड़ा चौराहा स्टेशन तक मेट्रो की सैर कराई गई। कई बच्चों के लिए यह पहला अवसर था, जब उन्होंने अंडरग्राउंड स्टेशन और मेट्रो ट्रेन में सफर किया। स्टेशन पर बनाई पर्यावरण संरक्षण की पेंटिंग्स बड़ा चौराहा स्टेशन पहुंचने पर बच्चों के लिए ड्राइंग गतिविधि आयोजित की गई। कानपुर मेट्रो की ओर से उन्हें रंगीन पेंसिलें और ड्राइंग शीट उपलब्ध कराई गईं। बच्चों ने पेड़-पौधों, स्वच्छ वातावरण और हरित पृथ्वी को विषय बनाकर आकर्षक चित्र बनाए। उनकी रचनात्मकता ने स्टेशन पर मौजूद यात्रियों का ध्यान आकर्षित किया। यात्रियों को दिखाईं अपनी पेंटिंग्स वापसी के दौरान बच्चों ने मेट्रो कोच में यात्रियों को अपनी बनाई पेंटिंग्स दिखाईं और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। छोटे बच्चों की ओर से प्रकृति बचाने की अपील सुनकर यात्री भी प्रभावित नजर आए। कार्यक्रम के समापन पर सभी बच्चों को मेट्रो प्रशासन की ओर से पौधे भेंट किए गए। मेट्रो अधिकारियों ने लगाए 150 पौधे विश्व पर्यावरण दिवस पर कानपुर मेट्रो के अधिकारियों ने भी वृक्षारोपण अभियान चलाया। परियोजना निदेशक अरविंद मीणा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने सीएसए परिसर में लगभग 150 पौधे लगाए। वहीं, कॉरिडोर-2 के निर्माणाधीन डिपो परिसर में भी अधिकारियों और कर्मचारियों ने पौधरोपण किया। पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे रही मेट्रो मेट्रो प्रबंधन के अनुसार, कानपुर मेट्रो को पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल अवधारणा पर विकसित किया गया है। कॉरिडोर के नीचे ग्रीन बेल्ट विकसित की गई है, जबकि डिपो में एक मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित है। इसके अलावा स्टेशनों पर एलईडी लाइटिंग, वर्षा जल संचयन प्रणाली और ऊर्जा बचाने वाली आधुनिक ब्रेकिंग तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे शहर में प्रदूषण कम करने में मदद मिल रही है।

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