सिंगरौली के कलेक्टर गौरव बैनल ने शुक्रवार को जिला रिकॉर्ड रूम (अभिलेखागार शाखा) का अचानक दौरा किया। वहां कागजातों को संभालने में मिली कमियों को देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और तुरंत सब कुछ ठीक करने के लिए कहा। इस काम में लापरवाही बरतने पर दो कर्मचारियों को ‘कारण बताओ नोटिस’ भी थमा दिया गया है। निरीक्षण के दौरान जमीन से जुड़े जरूरी कागजात जैसे खसरा, खतौनी, जमीन की नाप-जोख (सीमांकन), नाम चढ़वाने (नामांतरण) के आदेश और नक्शों को सही तरीके से संभालकर नहीं रखा गया था। कलेक्टर ने इसे देखकर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को फटकार लगाई और व्यवस्था सुधारने को कहा। कागजातों को सुरक्षित और सही से न रखने की वजह से सहायक ग्रेड-3 जितेंद्र भदोरिया और भृत्य छत्रपाल कुशवाहा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। सात दिनों में सब कुछ ऑनलाइन करने का अल्टीमेटम कलेज्टर ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि सात दिनों के भीतर एक खास मुहिम चलाकर जमीन से जुड़े इन सभी जरूरी कागजातों को पूरी तरह कंप्यूटर पर ऑनलाइन (डिजिटाइजेशन) किया जाए और उनकी एक लिस्ट बनाई जाए। उन्होंने इसके लिए एक्स्ट्रा कर्मचारी लगाने को भी कहा है ताकि सारे कागजात सही ढंग से दर्ज हो सकें। इसके साथ ही उन्होंने रिकॉर्ड रूम की रोज देखरेख करने, साफ-सफाई रखने और दीमक या कीड़े-मकोड़ों से कागजातों को बचाने के लिए समय-समय पर पेस्ट कंट्रोल (दवाई छिड़काव) कराने के निर्देश दिए। सरकारी गारंटी के तहत आने वाले कामों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि जो भी मामले रुके हुए हैं, उन्हें तय समय के अंदर निपटाया जाए। दो-तीन दिन में लोगों को मिले रिकॉर्ड कलेक्टर गौरव बैनल ने कहा, “जमीन के रिकॉर्ड को संभालकर रखना और समय पर लोगों को देना प्रशासन की सबसे पहली जिम्मेदारी है। सभी जरूरी कागजातों को कंप्यूटर पर चढ़ाने का काम तय समय में पूरा हो जाना चाहिए। जनता को आवेदन करने के दो से तीन दिनों के भीतर उनके कागजात मिल जाने चाहिए, ताकि उन्हें दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।” इस पूरे दौरे के दौरान संयुक्त कलेक्टर अखिलेश सिंह, संजीव पांडे और तहसीलदार मान सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।


