विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को बिहारशरीफ व्यवहार न्यायालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशांत कुमार की अध्यक्षता में न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं और न्यायालय कर्मियों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशांत कुमार के साथ जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश नमिता सिंह, ख्याति सिंह, वीरेंद्र कुमार सिंह और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह सब जज राजेश कुमार गौरव सहित कई न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता एवं न्यायालय कर्मी उपस्थित थे। सभी उपस्थित लोगों ने न्यायालय परिसर में पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के महत्व के प्रति जागरूक करना और हरित वातावरण के निर्माण के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशांत कुमार ने पर्यावरण को हमारी जीवनरेखा बताया। उन्होंने कहा कि वृक्ष न केवल प्रकृति की सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि मानव जीवन को ऑक्सीजन, स्वच्छ वातावरण और संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र भी प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण मिल सके। न्यायाधीश सुशांत कुमार ने उपस्थित न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं और न्यायालय कर्मियों से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी नियमित देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के प्रति न्यायपालिका की संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाता है। इस पौधारोपण अभियान के माध्यम से सभी ने हरित, स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को बिहारशरीफ व्यवहार न्यायालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशांत कुमार की अध्यक्षता में न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं और न्यायालय कर्मियों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशांत कुमार के साथ जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश नमिता सिंह, ख्याति सिंह, वीरेंद्र कुमार सिंह और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह सब जज राजेश कुमार गौरव सहित कई न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता एवं न्यायालय कर्मी उपस्थित थे। सभी उपस्थित लोगों ने न्यायालय परिसर में पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के महत्व के प्रति जागरूक करना और हरित वातावरण के निर्माण के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशांत कुमार ने पर्यावरण को हमारी जीवनरेखा बताया। उन्होंने कहा कि वृक्ष न केवल प्रकृति की सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि मानव जीवन को ऑक्सीजन, स्वच्छ वातावरण और संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र भी प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण मिल सके। न्यायाधीश सुशांत कुमार ने उपस्थित न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं और न्यायालय कर्मियों से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी नियमित देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के प्रति न्यायपालिका की संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाता है। इस पौधारोपण अभियान के माध्यम से सभी ने हरित, स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया।


