पूर्णिया की गुलाबबाग मंडी में लगातार पड़ रही तेज धूप का असर कृषि कारोबार पर दिख रहा है। सूखे मक्के की भारी आवक के कारण मंडी में व्यापार में तेजी आई है, जिससे किसानों और व्यापारियों दोनों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। गुरुवार और शुक्रवार को मक्के की मजबूत बिकवाली दर्ज की गई, जिससे पूरे बाजार में चहल-पहल बनी रही। सीमांचल और कोसी क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में मक्का मंडी पहुंच रहा है। किसानों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से लगातार तेज धूप निकलने से फसल अच्छी तरह सूख गई है। टीकापट्टी के किसान चेतन प्रकाश ने बताया कि सूखे मक्के की बढ़ती मांग के कारण खरीदार सक्रिय हैं और खरीदारी मजबूत बनी हुई है। मक्के के भाव में नमी और गुणवत्ता का असर, ₹2080 तक पहुंचा भाव मंडी में मक्के का भाव मुख्य रूप से उसकी नमी और गुणवत्ता पर निर्भर करता है। उच्च गुणवत्ता वाले पूरी तरह सूखे मक्के का भाव ₹2050 से ₹2080 प्रति क्विंटल रहा। मध्यम गुणवत्ता वाले मक्के की कीमत लगभग ₹1870 और अधिक नमी वाले मक्के का भाव लगभग ₹1750 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। व्यापारियों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश होती है, तो मक्के की आवक और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकती हैं। नमी बढ़ने से कीमतों पर दबाव पड़ने की संभावना है। इसी कारण किसान वर्तमान अनुकूल मौसम का लाभ उठाकर तेजी से अपना स्टॉक मंडी में ला रहे हैं। अन्य जिंसों की बात करें तो ब्रांडेड और प्रीमियम चावल की कीमतों में हल्की तेजी देखी गई। अरहर और मूंग दाल के भाव ऊंचे स्तर पर स्थिर बने हुए हैं। गेहूं और सरसों तेल में सामान्य उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया, जिससे आम उपभोक्ताओं को खाद्य तेल और गेहूं में फिलहाल कुछ राहत मिली है। कुल मिलाकर, गुलाबबाग मंडी में मक्के की मजबूत आवक और अच्छी मांग ने कृषि व्यापार को गति दी है। यदि मौसम साफ बना रहता है, तो अगले कुछ दिनों तक मंडी में इसी तरह की सक्रियता बनी रहने की उम्मीद है। पूर्णिया की गुलाबबाग मंडी में लगातार पड़ रही तेज धूप का असर कृषि कारोबार पर दिख रहा है। सूखे मक्के की भारी आवक के कारण मंडी में व्यापार में तेजी आई है, जिससे किसानों और व्यापारियों दोनों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। गुरुवार और शुक्रवार को मक्के की मजबूत बिकवाली दर्ज की गई, जिससे पूरे बाजार में चहल-पहल बनी रही। सीमांचल और कोसी क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में मक्का मंडी पहुंच रहा है। किसानों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से लगातार तेज धूप निकलने से फसल अच्छी तरह सूख गई है। टीकापट्टी के किसान चेतन प्रकाश ने बताया कि सूखे मक्के की बढ़ती मांग के कारण खरीदार सक्रिय हैं और खरीदारी मजबूत बनी हुई है। मक्के के भाव में नमी और गुणवत्ता का असर, ₹2080 तक पहुंचा भाव मंडी में मक्के का भाव मुख्य रूप से उसकी नमी और गुणवत्ता पर निर्भर करता है। उच्च गुणवत्ता वाले पूरी तरह सूखे मक्के का भाव ₹2050 से ₹2080 प्रति क्विंटल रहा। मध्यम गुणवत्ता वाले मक्के की कीमत लगभग ₹1870 और अधिक नमी वाले मक्के का भाव लगभग ₹1750 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। व्यापारियों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश होती है, तो मक्के की आवक और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकती हैं। नमी बढ़ने से कीमतों पर दबाव पड़ने की संभावना है। इसी कारण किसान वर्तमान अनुकूल मौसम का लाभ उठाकर तेजी से अपना स्टॉक मंडी में ला रहे हैं। अन्य जिंसों की बात करें तो ब्रांडेड और प्रीमियम चावल की कीमतों में हल्की तेजी देखी गई। अरहर और मूंग दाल के भाव ऊंचे स्तर पर स्थिर बने हुए हैं। गेहूं और सरसों तेल में सामान्य उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया, जिससे आम उपभोक्ताओं को खाद्य तेल और गेहूं में फिलहाल कुछ राहत मिली है। कुल मिलाकर, गुलाबबाग मंडी में मक्के की मजबूत आवक और अच्छी मांग ने कृषि व्यापार को गति दी है। यदि मौसम साफ बना रहता है, तो अगले कुछ दिनों तक मंडी में इसी तरह की सक्रियता बनी रहने की उम्मीद है।


