भभुआ जिले में एक सरकारी शिक्षक साइबर ठगी का शिकार हो गए। अपराधियों ने उन्हें डेयरी प्रोजेक्ट के नाम पर सस्ते इनवर्टर-बैटरी दिलाने का झांसा देकर 25,500 रुपये ठग लिए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीतामढ़ी से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और ठगी गई पूरी रकम भी बरामद कर ली है। दरौली ग्राम निवासी शिक्षक सुमित कुमार को अपराधी लगातार फोन कर रहे थे। 31 मई को उन्हें एक दुकान पर इनवर्टर-बैटरी देखने के लिए कहा गया। सामान देखने के बाद सुमित को एक क्यूआर कोड भेजा गया, जिस पर उन्होंने 25,500 रुपये का भुगतान कर दिया। पैसे कटने के बाद जब शिक्षक ने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, तो नंबर स्विच ऑफ मिला। ठगी का अहसास होने पर सुमित ने तुरंत थाने में शिकायत दर्ज कराई। भभुआ पुलिस ने 3 जून 2026 को प्राथमिकी (कांड संख्या 16/26) दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर डीएसपी नीतू सिंह ने बताया कि तकनीकी अनुसंधान के आधार पर पुलिस ने 4 जून 2026 को सीतामढ़ी से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान अवनीश कुमार और भाग्य नारायण कुमार के रूप में हुई है, जो आपस में पार्टनर हैं। पुलिस ने इनके पास से ठगी के पूरे 25,500 रुपये भी बरामद किए हैं। डीएसपी के अनुसार, आरोपी अवनीश कुमार का पुराना आपराधिक इतिहास है। उस पर भोजपुर और रूनीसैदपुर (सीतामढ़ी) थानों में साइबर धोखाधड़ी और रंगदारी के दो मामले पहले से दर्ज हैं। दोनों अपराधियों ने स्वीकार किया है कि वे पहले भी कई लोगों को इसी तरह ठगी का शिकार बना चुके हैं। भभुआ जिले में एक सरकारी शिक्षक साइबर ठगी का शिकार हो गए। अपराधियों ने उन्हें डेयरी प्रोजेक्ट के नाम पर सस्ते इनवर्टर-बैटरी दिलाने का झांसा देकर 25,500 रुपये ठग लिए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीतामढ़ी से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और ठगी गई पूरी रकम भी बरामद कर ली है। दरौली ग्राम निवासी शिक्षक सुमित कुमार को अपराधी लगातार फोन कर रहे थे। 31 मई को उन्हें एक दुकान पर इनवर्टर-बैटरी देखने के लिए कहा गया। सामान देखने के बाद सुमित को एक क्यूआर कोड भेजा गया, जिस पर उन्होंने 25,500 रुपये का भुगतान कर दिया। पैसे कटने के बाद जब शिक्षक ने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, तो नंबर स्विच ऑफ मिला। ठगी का अहसास होने पर सुमित ने तुरंत थाने में शिकायत दर्ज कराई। भभुआ पुलिस ने 3 जून 2026 को प्राथमिकी (कांड संख्या 16/26) दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर डीएसपी नीतू सिंह ने बताया कि तकनीकी अनुसंधान के आधार पर पुलिस ने 4 जून 2026 को सीतामढ़ी से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान अवनीश कुमार और भाग्य नारायण कुमार के रूप में हुई है, जो आपस में पार्टनर हैं। पुलिस ने इनके पास से ठगी के पूरे 25,500 रुपये भी बरामद किए हैं। डीएसपी के अनुसार, आरोपी अवनीश कुमार का पुराना आपराधिक इतिहास है। उस पर भोजपुर और रूनीसैदपुर (सीतामढ़ी) थानों में साइबर धोखाधड़ी और रंगदारी के दो मामले पहले से दर्ज हैं। दोनों अपराधियों ने स्वीकार किया है कि वे पहले भी कई लोगों को इसी तरह ठगी का शिकार बना चुके हैं।


