MRKH Syndrome: जब एक लड़की किशोरावस्था में पहुंचती है, तो उसके जीवन में पीरियड्स की शुरुआत एक सामान्य बायोलॉजिकल प्रोसेस मानी जाती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ लड़कियां ऐसी भी होती हैं जिन्हें पूरी जिंदगी कभी पीरियड्स नहीं आते? हाल ही में वेलनेस कंटेंट क्रिएटर बेट्टी मुखर्जी ने खुलासा किया कि उन्हें आज तक कभी पीरियड्स नहीं हुए, क्योंकि वे MRKH सिंड्रोम नाम की एक दुर्लभ स्थिति के साथ पैदा हुई थीं।
क्या है MRKH सिंड्रोम?
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, MRKH (Mayer-Rokitansky-Küster-Hauser Syndrome) एक दुर्लभ जन्मजात स्थिति है, जिसमें लड़की का गर्भाशय (Uterus) और योनि का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह विकसित नहीं हो पाता या मौजूद ही नहीं होता। हालांकि, इस स्थिति में अंडाशय (Ovaries) सामान्य रूप से काम करते हैं। इसका मतलब है कि शरीर में महिला हार्मोन बनते हैं और किशोरावस्था के दौरान स्तनों का विकास, शरीर पर बाल आना और अन्य शारीरिक बदलाव सामान्य लड़कियों की तरह ही होते हैं। लेकिन गर्भाशय न होने की वजह से मासिक धर्म शुरू नहीं हो पाता।
अक्सर 15-16 साल की उम्र में चलता है पता
ज्यादातर लड़कियों में MRKH सिंड्रोम का पता तब चलता है जब 15 या 16 साल की उम्र तक भी पीरियड्स शुरू नहीं होते। शुरुआत में परिवार को लगता है कि शायद पीरियड्स आने में देरी हो रही है, लेकिन जांच के बाद इस दुर्लभ स्थिति का पता चलता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह किसी की गलती नहीं होती और न ही गर्भावस्था के दौरान मां द्वारा किए गए किसी काम की वजह से होता है। यह जन्म से पहले शरीर के विकास के दौरान होने वाली एक दुर्लभ स्थिति है।
पीरियड्स नहीं आते सुनने में आसान, लेकिन हकीकत अलग है
कई लोग सोच सकते हैं कि पीरियड्स न आना राहत की बात होगी, लेकिन MRKH से जूझ रही महिलाओं के लिए यह स्थिति भावनात्मक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। जब दोस्तों के बीच पीरियड्स, प्रेग्नेंसी और मातृत्व जैसी बातें होती हैं, तब MRKH से प्रभावित महिलाओं को अलगाव, चिंता और उदासी महसूस हो सकती है। कई बार यह आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालता है।
MRKH से जुड़े आम मिथक
सबसे बड़ा मिथक यह है कि MRKH वाली महिलाएं “कम महिला” होती हैं। जबकि यह पूरी तरह गलत है। MRKH से प्रभावित महिलाओं में महिला हार्मोन सामान्य होते हैं, उनका शारीरिक विकास भी सामान्य रहता है और यह स्थिति उनकी बुद्धिमत्ता, व्यक्तित्व या जेंडर पहचान को बिल्कुल प्रभावित नहीं करती।
क्या मां बनना संभव है?
हालांकि MRKH में प्राकृतिक रूप से गर्भधारण संभव नहीं होता क्योंकि गर्भाशय मौजूद नहीं होता, लेकिन अंडाशय सामान्य होने की वजह से उनके अंडे (Eggs) बनते रहते हैं। आधुनिक प्रजनन तकनीकों और गोद लेने जैसे विकल्पों के जरिए कई महिलाएं परिवार बनाने का सपना पूरा कर सकती हैं।
जागरूकता है सबसे जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसी लड़की को 15-16 साल की उम्र तक पीरियड्स शुरू नहीं हुए हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और सही जानकारी न सिर्फ बीमारी की पहचान में मदद करती है, बल्कि मानसिक और भावनात्मक सहयोग भी सुनिश्चित करती है। MRKH सिंड्रोम एक मेडिकल स्थिति है, न कि किसी महिला की पहचान या उसकी क्षमता का पैमाना।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


