Summer Travel Tips: गर्मी की छुट्टियां होते ही या गर्मी के बढ़ते ही वीकेंड पर लोग पहाड़ों पर घूमने का प्लान बना लेते हैं। जिसके चलते इतनी भीड़ बढ़ जाती है कि टूरिस्ट के साथ-साथ लोकल लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अगर आप पहाड़ों में घूमने के लिए ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो यहां बताई गई 5 जगहों का ट्रिप प्लान करने से आपको परहेज करना चाहिए। आइए जानते हैं ऐसी कौन-कौन सी जगहें हैं।
मनाली में सबसे ज्यादा ट्रैफिक (Manali)
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित मनाली गर्मियों में घूमने के लिए एक बेहद प्रसिद्ध और खूबसूरत हिल स्टेशन है। ब्यास नदी की घाटी में बसा यह स्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बर्फ से ढके पहाड़ों, सेब के बागों और देवदार के घने जंगलों के लिए दुनिया भर में मशहूर है।
दिल्ली-चंडीगढ़ से पास होने के कारण समर वेकेशन में बड़ी संख्या में लोगों द्वारा ट्रिप प्लान करने के चलते यहां जरूरत से ज्यादा भीड़ हो जाती है, खासकर वीकेंड पर। जिसके चलते लोग 10-10 किलोमीटर लंबे जाम में फंस जाते हैं और 15 किलोमीटर का रास्ता तय करने के लिए 10-10 घंटे गाड़ी में बैठे रहते हैं। ऐसे में अगर आप इस समर वेकेशन यहां जाने का सोच रहे हैं, तो इसके बदले इसके आसपास की किसी ऑफबीट जगह का प्लान बना सकते हैं।
शिमला में वीकेंड पर बढ़ती भीड़ (Shimla)
हिमाचल प्रदेश में ‘पहाड़ों की रानी’ के नाम से मशहूर शिमला, मनाली के बाद सबसे ज्यादा टूरिस्टों के जाने वाली जगह है। शिमला के रास्ते पुराने जमाने के हिसाब से बने हैं, जो आज की बड़ी और भारी गाड़ियों का लोड नहीं झेल पा रहे हैं, जिसके चलते जाम लग जाता है। ऐसे में अभी यहां का ट्रिप प्लान करने से परहेज करना चाहिए, खासकर परिवार के साथ।
नैनीताल में पार्किंग की बड़ी समस्या (Nainital)
हिमाचल प्रदेश के बाद उत्तराखंड के नैनीताल का लोग वीकेंड या गर्मियों में घूमने जाने का सबसे ज्यादा प्लान बनाते हैं। यहां पार्किंग की जगह कम होने और टूरिस्टों की गाड़ियों की संख्या बढ़ जाने के कारण लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं। ऐसे में अगर आप भीड़-भाड़ से बचना चाहते हैं और अपना ट्रिप अच्छे से एन्जॉय करना चाहते हैं, तो पीक ट्रैवल सीजन में नैनीताल के बदले उत्तराखंड की ऑफबीट जगहों पर जा सकते हैं।
मसूरी में घंटों का जाम (Mussoorie)
हिमाचल प्रदेश के शिमला की तरह ही उत्तराखंड के देहरादून जिले में स्थित मसूरी को भी “पहाड़ों की रानी” कहा जाता है। अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हरे-भरे पहाड़ों और शांत वातावरण के कारण, दिल्ली-एनसीआर के नजदीक होने की वजह से पीक सीजन में यहां पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ जाती है। जिसके चलते एक घंटे का रास्ता तीन घंटे में बदल जाता है और पार्किंग मिलना तो नामुमकिन जैसा होता है। ऐसे में अगर आप शांति के लिए यहां जाने का सोच रहे हैं, तो पीक सीजन में ना जाएं।
दार्जिलिंग में ओवरटूरिज्म की परेशानी (Darjeeling)
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की तरह ही पश्चिम बंगाल की “क्वीन ऑफ द हिल्स” कही जाने वाली दार्जिलिंग का भी यही हाल है। यह जगह अपने शांत वातावरण, चाय के बागानों और दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची चोटी के खूबसूरत नजारों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। फोटो में तो यह बहुत सुंदर दिखता है, लेकिन भारी टूरिस्ट संख्या के चलते यहां टूरिस्ट के साथ-साथ लोकल लोगों को भी परेशानी होती है।


