छात्रा हत्याकांड में अस्पताल सील,मुख्य आरोपी समेत 2 को जेल:शादी का दिया था झांसा, 23 मई को बुलंदशहर में बरामद हुआ था शव

छात्रा हत्याकांड में अस्पताल सील,मुख्य आरोपी समेत 2 को जेल:शादी का दिया था झांसा, 23 मई को बुलंदशहर में बरामद हुआ था शव

उन्नाव में दरोगा भर्ती की तैयारी कर रही छात्रा की हत्या के मामले में जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच में छात्रा के मानसिक और शारीरिक शोषण की बात सामने आई है। मामले में कानपुर की बर्रा पुलिस ने मुख्य आरोपी देवकांत उत्तम और उसके भतीजे विवेक पटेल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, शुक्रवार को उन्नाव स्वास्थ्य विभाग ने शेखपुर नहर स्थित उत्तम हॉस्पिटल को सील कर दिया। दवा लेने के दौरान अस्पताल प्रबंधक से मुलाकात पुलिस के अनुसार, छात्रा 2024 से उन्नाव के प्रियदर्शिनी नगर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। बताया गया कि 10 फरवरी 2026 को वह दवा लेने के लिए शेखपुर स्थित एक निजी अस्पताल गई थी, जहां उसकी मुलाकात अस्पताल प्रबंधक देवकांत उत्तम से हुई। जांच में सामने आया है कि दोनों के बीच संपर्क बढ़ने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर शादी का झांसा देकर छात्रा का विश्वास हासिल किया। परिजनों और जांच से जुड़े सूत्रों का आरोप है कि इसके बाद छात्रा का शारीरिक शोषण किया गया और उसके आपत्तिजनक फोटो एवं वीडियो बनाए गए। आरोप है कि बाद में इन्हें वायरल करने की धमकी देकर छात्रा पर दबाव बनाया जाता रहा। गर्भपात कराए जाने के रिकॉर्ड की जांच जांच एजेंसियों के अनुसार, मध्य प्रदेश के ओरछा स्थित एक होटल में भी छात्रा के साथ दुष्कर्म किए जाने के आरोप सामने आए हैं। पुलिस इन सभी तथ्यों की जांच कर रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि छात्रा दो बार गर्भवती हुई थी। आरोप है कि दोनों बार उसका गर्भपात कराया गया। पुलिस संबंधित दस्तावेजों और चिकित्सीय रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि छात्रा ने 19 मई 2026 को सदर कोतवाली में शिकायत देकर देवकांत उत्तम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन तत्काल मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। परिजनों के मुताबिक, लगभग छह दिन बाद 24 मई को एफआईआर दर्ज की गई, जबकि छात्रा का शव 23 मई को बुलंदशहर में बरामद हो चुका था। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली भी जांच के दायरे में आ गई है। एंबुलेंस चालक की कहानी निकली झूठी जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है। आरोपी के करीबी और एंबुलेंस चालक विवेक पटेल ने पहले दावा किया था कि उसका अपहरण कर उसे नशीला इंजेक्शन दिया गया और गोली मार दी गई। हालांकि पुलिस पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि यह कहानी मनगढ़ंत थी। पुलिस के अनुसार, विवेक ने जांच को गुमराह करने और खुद को पीड़ित दिखाने के उद्देश्य से यह झूठी कहानी बनाई थी। इसके बाद उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की गई और उसे जेल भेज दिया गया। उत्तम हॉस्पिटल पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई मामले में अस्पताल का नाम सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने शेखपुर नहर स्थित उत्तम हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद अस्पताल को सील कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग अस्पताल के संचालन, लाइसेंस और अन्य अभिलेखों की भी जांच कर रहा है। छह वर्ष पहले पिता ने की थी आत्महत्या मृत छात्रा सफीपुर क्षेत्र के बृजपालपुर गांव की मूल निवासी थी। परिजनों के अनुसार, करीब छह वर्ष पहले उसके पिता ने घरेलू विवादों से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद परिवार कानपुर में रहने लगा था। अब छात्रा की मौत ने परिवार को एक और गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कई एजेंसियां कर रहीं जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। मोबाइल डेटा, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित व्यक्तियों के बयान जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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