भीलवाड़ा के बिजोलिया उपखंड क्षेत्र में गुरुवार देर रात मौसम ने अचानक विकराल रूप धारण कर लिया। तेज आंधी, धूलभरी हवाओं और मूसलाधार बारिश ने नगर सहित ग्रामीण इलाकों में जमकर कहर बरपाया। कुछ ही मिनटों में कई स्थानों पर टीन शेड उड़ गए, पेड़ धराशायी हो गए, बिजली के तार टूट गए और विद्युत व्यवस्था चरमरा गई। इस प्राकृतिक आपदा के बीच एक हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि एक भैंस की भी मौत हो गई। गुरुवार रात आए तेज अंधड़ ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। घर के बरामदे में पानी पी रहे व्यक्ति पर अंधड़ में उड़ती हुई आई लोहे की चद्दर गिर गई, गला चीरते हुए उसे लहूलुहान कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई। घटना बिजौलिया के जाबदा गांव में गुरुवार रात 9 बजे के करीब की बताई जा रही है। पानी पीने उठा था,अंधड़ से लोहे की चादर से गले में लगी जानकारी के अनुसार रात 9 बजे के करीब तेज आंधी के साथ बारिश का दौर शुरू हुआ, इसी बीच जाबदा निवासी देवीलाल धाकड़ (45) अपने घर में पानी पीने के लिए उठे थे।बताया जा रहा है कि जैसे ही वे मटके के पास पहुंचकर पानी पीने लगे,उसी दौरान तेज अंधड़ के कारण घर के निकट स्थित गायों के बाड़े की लोहे की चद्दर उखड़कर तेज गति से उनकी ओर आ गई। चद्दर का नुकीला हिस्सा सीधे उनके गले पर लगा, जिससे गहरा घाव हो गया और अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया। हादसे के बाद परिजन गंभीर अवस्था में देवीलाल को तत्काल बिजौलिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। गले में घाव से मौत इस घटना पर डॉक्टर अंसार खान ने बताया कि कि गले में घाव की वजह से पीड़ित कि मौत हो गई।शव को अस्पताल की मोर्च्युरी में रखवाया है। मृतक देवीलाल धाकड़ खदान क्षेत्र में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा हैं। परिवार के मुखिया की अचानक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। तेज अंधड़ से युवक घायल क्षेत्र में अचानक आए तेज अंधड़ के कारण कई स्थानों पर टीन शेड और लोहे की चद्दरें उखड़ गईं। कई पेड़ धाराशाही हो गए। तेजाजी चौक पर एक फल विक्रेता पर तेज अंधड़ से स्वयं की दुकान का लोहे का दरवाजा सिर पर लगने से उसे गंभीर हालत में हॉस्पिटल ले जाया गया। पीड़ित छोगा लाल लुहार के टांके लगाकर उपचार किया गया। पेड़ टूट कर गिरने से ट्रैफिक जाम वहीं मालीपुरा पुलिया के निकट एक बड़ा पेड़ टूटकर सड़क पर गिर गया जिससे वहां ट्रैफिक जाम कि स्थिति हो गई। तेजाजी चौक, केसरगंज, शक्करगढ़ चौराहा पर भी कई पेड़ उखड़ गए। एक घंटे तक चले अंधड़ के साथ बारिश से क्षेत्र में काफी नुकसान पंहुचा है। धनवाड़ा में भैंस की मौत आंधी-तूफान का असर केवल लोगों तक ही सीमित नहीं रहा। धनवाड़ा गांव में रंगलाल पुत्र बीरबल बंजारा की भैंस भी उड़कर आए लोहे के चद्दर की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पशु की मौत से पशुपालक को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। कई जगह पेड़ गिरे, डीपी टूटी तूफान के चलते बिजोलिया नगर के कांग्रेस कार्यालय के पास, मालीपुरा, तेजाजी का चौक सहित कई स्थानों पर बड़े-बड़े पेड़ धराशायी हो गए। उड़कर आए टीन छप्पर सड़कों पर बिखर गए, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन भी प्रभावित रहा। रात भर घरों में दुबके रहे लोग अचानक आए इस तूफानी मौसम ने लोगों को भयभीत कर दिया। तेज हवाओं की गर्जना, उड़ते टीन शेड और गिरते पेड़ों के कारण लोग रातभर घरों में दुबके रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में भी भारी नुकसान की सूचनाएं मिल रही हैं। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है।


